– एफसीआई गोदाम की ओर रवाना हुए थे गेहूं से भरे ट्रोले, यू-टर्न ने यू-टर्न ने बिगाड़ी यातायात व्यवस्था
हनुमानगढ़। टाउन में सेंट्रल पार्क के सामने गुरुवार को उस समय अचानक यातायात पूरी तरह ठप हो गया, जब धान मंडी से गेहूं से भरे ट्रोले एफसीआई गोदाम की ओर रवाना हुए। महज 15 मिनट के भीतर दोनों ओर करीब एक किलोमीटर लंबी वाहनों की कतारें लग गईं, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार भारतीय खाद्य निगम की ओर से गेहूं परिवहन के लिए निर्धारित रूट के तहत ट्रोलों को नई धान मंडी से चुंगी नंबर 6 होते हुए फ्लाईओवर पार कर कोहला नहर के साथ एफसीआई गोदाम तक पहुंचना है। लेकिन सेंट्रल पार्क के पास यू-टर्न की व्यवस्था ने यातायात व्यवस्था को पूरी तरह बिगाड़ दिया।

जैसे ही भारी-भरकम ट्रोले यू-टर्न लेते हैं, सड़क संकरी होने के कारण वाहनों की आवाजाही रुक जाती है और देखते ही देखते जाम की स्थिति बन जाती है। गुरुवार को भी यही स्थिति देखने को मिली, जहां स्कूली वाहन, दोपहिया चालक और आम राहगीर लंबे समय तक जाम में फंसे रहे। कई लोगों को आधे घंटे से अधिक इंतजार करना पड़ा। जाम खुलवाने के लिए यातायात पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिसकर्मियों ने मौके पर हाथों से ट्रैफिक नियंत्रित किया, लेकिन ट्रोलों की अधिक संख्या के कारण स्थिति सामान्य होने में काफी समय लग गया। इस संबंध में ठेकेदार गगन सोढ़ा ने बताया कि उन्हें निगम की ओर से इसी रूट से परिवहन के निर्देश दिए गए हैं, जबकि यह रूट शुरू से ही अव्यवहारिक है।

उन्होंने कहा कि गेहूं उठाव शुरू होने से पहले ही अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया गया था, लेकिन उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि गेहूं उठाव का सीजन करीब तीन महीने तक चलेगा। यदि यही रूट जारी रहा तो रोजाना इसी तरह जाम लगेगा, जिससे आमजन को भारी परेशानी और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहेगी। खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गांे और मरीजों को अधिक दिक्कत झेलनी पड़ सकती है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस रूट पर पुनर्विचार कर वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किया जाए, ताकि ट्रोलों को शहर के व्यस्त इलाकों से बाहर निकाला जा सके और यातायात सुचारू रूप से चल सके।
