हनुमानगढ़। डांगावास हत्याकांड में विशेष न्यायालय (एससी/एसटी), मेड़ता सिटी की ओर से सभी 40 आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले के बाद अब राजस्थान हाईकोर्ट में तत्काल और समयबद्ध अपील दायर करने की मांग उठी है। इस संबंध में बुधवार को डॉ. अम्बेडकर मेमोरियल वेलफेयर सोसाइटी राजस्थान की जिला शाखा व भीम आर्मी भारत एकता मिशन की ओर से मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया।

सोसाइटी के जिलाध्यक्ष एडवोकेट दलीप बसेर व भीम आर्मी के प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल मेघवाल ने कहा कि डांगावास में अनुसूचित जाति के व्यक्तियों की कृषि भूमि से जुड़े विवाद के दौरान हुई हिंसक घटना में पांच लोगों की मौत हुई थी और कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। मामले की जांच पहले राजस्थान पुलिस ने की और बाद में सीबीआई को सौंपी गई। करीब 11 वर्ष तक चले न्यायिक विचारण के बाद विशेष न्यायालय ने 5 अगस्त 2026 को सभी 40 आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। उन्होंने न्यायालय के फैसले पर टिप्पणी से इनकार करते हुए कहा कि वैधानिक उपचार के तहत फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती देना जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि न्यायालय के निर्णय में अनुसंधान के दौरान गवाहों के बयानों में विरोधाभास और जांच संबंधी कमियों का उल्लेख किया गया है।

चोट प्रतिवेदनों में चोटों की प्रकृति स्पष्ट नहीं किए जाने जैसी कमियों का भी हवाला दिया गया। उन्होंने अनुसंधान में लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोक सेवकों के विरुद्ध एससी/एसटी एक्ट की धारा 4 के तहत कार्रवाई तथा अभियोजन पक्ष की पैरवी की भी समीक्षा करने की मांग की। ज्ञापन में राज्य सरकार से सीबीआई एवं केन्द्र सरकार के संबंधित अधिकारियों से समन्वय कर निर्धारित अवधि में हाईकोर्ट में अपील दायर कराने, वरिष्ठ एवं अनुभवी अधिवक्ता की नियुक्ति करने और पूरी प्रक्रिया की वरिष्ठ स्तर पर निगरानी सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया। साथ ही पांच मृतकों के आश्रित परिवारों और गंभीर रूप से घायल पीड़ितों को तत्काल विशेष आर्थिक सहायता देने, पीड़ित परिवारों व प्रमुख गवाहों का सुरक्षा ऑडिट कर प्रभावी पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की।

साथ ही गवाहों को धमकी, दबाव या प्रलोभन से बचाने, पीड़ित परिवारों के पुनर्वास, बच्चों की शिक्षा, चिकित्सा और आजीविका के लिए विशेष पैकेज देने का आग्रह किया। ज्ञापन में कहा गया कि यह मामला केवल एक आपराधिक प्रकरण नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय से जुड़ा संवेदनशील मामला है। ऐसे में सरकार की ओर से प्रभावी कानूनी पैरवी, सुरक्षा और सहायता मिलने से पीड़ित परिवारों तथा समाज का न्याय व्यवस्था और शासन के प्रति विश्वास मजबूत होगा। इस मौके पर डॉ. महेंद्र कुमार, बूटासिंह, विनोद वामनिया, राजन, कन्हैया, सुनील मेघवाल आदि मौजूद रहे।
