हनुमानगढ़। गांव बहलोलनगर में शुक्रवार को बाबा रामदेव जी मंदिर के सामने डिग्गी किसानों की बैठक आयोजित की गई। बैठक को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष रेशम सिंह मानुका ने कहा कि किसानों के लिए फायदे का सौदा बताई गई डिग्गी योजना अब किसानों के लिए मुसीबत बन गई है। उन्होंने कहा कि फरवरी-मार्च 2025 में कृषि विभाग ने किसानों पर दबाव बनाकर डिग्गियां तैयार करवाई थीं। उस समय किसानों को खड़ी फसल काटनी पड़ी, जिससे करीब 70 हजार रुपए तक का नुकसान हुआ। विभाग ने आश्वासन दिया था कि मार्च में तीन लाख रुपए की सब्सिडी किसानों के खातों में आ जाएगी, लेकिन आज तक किसानों को सब्सिडी नहीं मिली। रेशम सिंह मानुका ने कहा कि किसान डिग्गी निर्माण में करीब 6 लाख रुपए की लागत पर ब्याज भर रहे हैं और सब्सिडी की उम्मीद में कृषि विभाग के चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने बताया कि किसानों की समस्याओं को लेकर 19 मई को सुबह 11 बजे जिला कलक्ट्रेट पर धरना एवं प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें अधिक से अधिक किसानों से पहुंचने का आह्वान किया गया है। किसान नेता सुभाष गोदारा ने कहा कि सरकार को जगाने के लिए बड़ा आंदोलन करना होगा। उन्होंने कहा कि डिग्गी सब्सिडी के दो वित्तीय वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन किसानों को भुगतान नहीं मिला। उन्होंने युवाओं से सोशल मीडिया के माध्यम से आंदोलन को मजबूत करने की अपील की। किसान भीमसेन ढाका ने कहा कि समय पर सब्सिडी नहीं मिलने से किसानों का कर्ज बढ़ता जा रहा है। उन्होंने बताया कि अच्छी फसल के लिए पानी की व्यवस्था के लिए डिग्गी बनाई गई थी, लेकिन सब्सिडी नहीं मिलने से आर्थिक स्थिति बिगड़ गई है। बैठक के दौरान किसानों ने अपनी समस्याएं भी साझा कीं। इस मौके पर नोपाराम पड़गड़, भागीरथ पड़गड़, प्रेमाराम, आत्माराम खीचड़, गुरसेवक सिंह, रजत मूंड, हरीश हैरी, मोहित मूंड तथा सुरेन्द्र सिंह सहित कई किसान मौजूद रहे।
