हनुमानगढ़। राजस्थान शिक्षक संघ (शेखावत) द्वारा आज जिला मंत्री राम निवास की अगुवाई में मुख्यमंत्री के नाम अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक शिक्षा को ज्ञापन सौंपा गया। संगठन ने शिक्षा विभाग में हाल ही में हुए व्याख्याताओं के तबादलों को ‘अन्यायपूर्ण’ बताते हुए प्रदेश में तुरंत एक पारदर्शी और स्थाई स्थानांतरण नीति लागू करने की पुरजोर मांग की है।
मुख्य बिंदु: ज्ञापन में उठाई गई प्रमुख बातें
- परीक्षा के समय अफरा-तफरी: ब्लाक अध्यक्ष दलीप सिंह ने कहा कि बोर्ड परीक्षाएं अत्यंत निकट हैं, ऐसे समय में बड़ी संख्या में व्याख्याताओं के तबादले करने से स्कूलों में शैक्षणिक वातावरण बिगड़ गया है और अफ़रा-तफरी का माहौल है।
- बदले की भावना का आरोप: संगठन का आरोप है कि ये तबादले प्रशासनिक आवश्यकता के बजाय ‘राजनीतिक विचारधारा और बदले की भावना’ से प्रेरित हैं।
- सरकार को चेतावनी: जिला मंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि यदि स्थानांतरण ही वोट का आधार होते, तो पिछले तीन दशकों में राजस्थान में कोई सरकार रिपीट क्यों नहीं हुई? शिक्षकों के साथ सौतेला व्यवहार शैक्षिक ढांचे को कमजोर कर रहा है।
आंदोलन की चेतावनी
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शिक्षक अब इस अन्याय को और सहन नहीं करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि राज्य सरकार ने जल्द ही स्थाई और पारदर्शी स्थानांतरण नीति लागू नहीं की, तो संगठन प्रदेश स्तर पर बड़े आंदोलन का बिगुल फूंकेगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
