हनुमानगढ़। जंक्शन की दुर्गा कॉलोनी में दानदाताओं के सहयोग से नंदीशाला का संचालन किया जा रहा है, जहां निराश्रित, बीमार एवं घायल गोवंश की न केवल देखरेख की जा रही है, बल्कि उनका नियमित उपचार भी किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि इस नंदीशाला को सरकार की ओर से किसी प्रकार का आर्थिक अनुदान नहीं मिल रहा है और इसका संपूर्ण संचालन क्षेत्र के दानदाताओं एवं गोभक्तों के सहयोग से ही किया जा रहा है। गोभक्त मनोज कुमार ने बताया कि पूर्व में इस स्थान पर नेहरू स्मृति स्कूल संचालित था। स्कूल के बंद होने के बाद नगर परिषद की ओर से शहर में निराश्रित रूप से घूमने वाले नंदियों को पकड़कर यहां रखा जाने लगा। इसके बाद कुछ गोभक्तों ने आगे आकर दानदाताओं के सहयोग से यहां नंदीशाला की शुरुआत की। वर्तमान में इसी परिसर में श्री कृष्ण गो सेवा आश्रम भी संचालित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नंदीशाला एवं गो सेवा आश्रम में बीमार और घायल पशुओं के इलाज की समुचित व्यवस्था की गई है। इसके लिए दो पशु चिकित्सकों को तैनात किया गया है, जिन्हें स्वयं के खर्च पर नियमित रूप से मानदेय दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में नंदीशाला में लगभग 450 से 500 गोवंश संरक्षित हैं। नगर परिषद के कर्मचारी समय-समय पर अभियान चलाकर सड़कों पर घूम रहे नंदियों को पकड़कर नंदीशाला में पहुंचाते हैं। हाल ही में नंदीशाला परिसर में नया निर्माण कार्य भी करवाया गया है। अब यहां बड़ी गोशालाओं की तर्ज पर सवामणी की व्यवस्था भी शुरू कर दी गई है, जहां प्रतिदिन एक या दो सवामणी का आयोजन किया जा रहा है। नंदीशाला एवं श्री कृष्ण गो सेवा आश्रम का संचालन सीकर स्थित गोसेवा सुन्दरकाण्ड मित्र मण्डल की ओर से किया जा रहा है। मनोज कुमार ने बताया कि सरकार की ओर से किसी प्रकार का अनुदान नहीं मिलता, जबकि नगर परिषद की ओर से केवल तूड़ी उपलब्ध करवाई जाती है। इसके बावजूद गोभक्तों और दानदाताओं के सहयोग से गोवंश की सेवा निरंतर जारी है। नंदीशाला के संचालन में ओमप्रकाश लखोटिया, गिरधारी लाल सारस्वत, सुशील ढूढानी, मगन लखोटिया, मदन, राजीव अग्रवाल, सुरेंद्र यादव सहित गोसेवा सुन्दरकाण्ड मित्र मण्डल के अन्य सदस्य सक्रिय रूप से सेवाएं दे रहे हैं।
