हनुमानगढ़। एक पिता ने अपनी दो बेटियों को घर में कैद कर रखा था। वह सुबह जब भी घर से जाता तो दोनों बेटियों को घर में कैद कर ताला लगाकर चला जाता था। दोनों बेटियों को स्कूल भी नहीं भेजता। सोमवार को किसी जागरूक नागरिक की शिकायत पर बाल कल्याण समिति मौके पर पहुंची तो यह बात सामने आई। सीडब्ल्यूसी ने बेटियों के पिता को पाबंद करते हुए भविष्य में इस तरह की शिकायत पाए जाने पर कानूनी कार्यवाही करवाने की चेतावनी दी।

इस दौरान भारी भीड़ घर के बाहर जमा हो गई। बाल कल्याण समिति सदस्य प्रेमचन्द शर्मा ने बताया कि सोमवार को टाउन निवासी जागरूक नागरिक निशा खीचड़ व पवन आदि ने दूरभाष के जरिए सूचना दी कि टाउन के रैगर मोहल्ला, वार्ड 22 के निवासी ओमप्रकाश पुत्र राजाराम ने अपनी दोनों पुत्रियों कंगना व रचना को घर में कैद करके रखा हुआ है। जब ओमप्रकाश बाहर जाता है तो मकान को बाहर से ताला लगाकर चला जाता है।

पिछले तीन-चार वर्षां से बालिकाएं घर से बाहर नहीं निकली। शर्मा के अनुसार इसकी सूचना टाउन थाना को देकर सीडब्ल्यूसी टीम मौके पर पहुंची। तब तक टाउन थाना से एएसआई रामकुमार भी टीम के साथ मौके पर पहुंच चुके थे। घर में आवासित बालिकाओं से मिले तो दोनों बालिकाएं अत्यंत दयनीय स्थिति में मिलीं। बालिकाओं को नहलाया गया। मौके पर उनके पिता ओमप्रकाश को पाबंद किया गया कि बालिकाओं को मुख्यधारा में लाने के लिए स्कूल भेजना होगा। उन्हें समयानुसार नहला-धुलाकर साफ-सफाई का ध्यान रखना होगा। ओमप्रकाश को हिदायत दी गई कि सीडब्ल्यूसी की ओर से आगामी दिनों में घर पर आकर चैक किया जाएगा। मोहल्लावासी कृष्णा के अनुसार उनके पड़ोस में ओमप्रकाश का मकान है। उसकी तीन बेटियों में से एक बेटी की मौत हो गई।

पत्नी की भी कई साल पहले मौत हो चुकी है। ओमप्रकाश घर से जाते समय अपनी दोनों बेटियों को घर में बन्द कर ताला लगाकर चला जाता है। एक बेटी की उम्र 15 व दूसरी की उम्र 18 साल की है। मोहल्लेवासियों ने दोनों बहनों को घर से बाहर नहीं देखा। न ही उन्हें छत आदि पर देखा। ओमप्रकाश अपनी बेटियों को स्कूल भी नहीं भेजता। इस मौके पर बाल कल्याण समिति अध्यक्ष जितेन्द्र गोयल, बाल कल्याण समिति सदस्य प्रेमचन्द शर्मा, सुमन सैनी, पूर्व पार्षद रोहित छापोला, पूर्व उपसभापति अनिल खीचड़ इत्यादि मौजूद रहे। सूत्रों के हवाले से खबर मिली है कि लड़की की माता जल कर मरी थी।
