– अंतरराष्ट्रीय हालात और कच्चे माल की कीमतों में इजाफे का असर- पटाखा कारोबारी बोले-बच्चों की सुरक्षा के लिए सस्ती के बजाय अच्छी गुणवत्ता वाले ब्रांडेड पटाखे खरीदें
हनुमानगढ़। दीपावली पर आतिशबाजी करने के शौकीनों को इस बार अपनी जेब कुछ ज्यादा ढीली करनी पड़ सकती है। पटाखा कारोबारियों के अनुसार, पिछले साल के मुकाबले इस बार पटाखों की कीमतों में करीब 25 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। आतिशबाजी निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की कीमतों में इजाफे और उत्पादन लागत बढ़ने के कारण कंपनियों ने नए रेट जारी किए हैं। इसका असर अब बाजार में पटाखों की खरीद पर भी दिखाई दे रहा है। पटाखा कारोबारी मनीष सिंगला ने बताया कि आतिशबाजी का कारोबार मुख्य रूप से तमिलनाडु के शिवाकाशी से होने वाली सप्लाई पर निर्भर है। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, विशेषकर अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद विभिन्न वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी का असर कारोबार पर भी पड़ा। उनके अनुसार, कच्चे माल के दाम बढ़ने से पटाखा निर्माण कंपनियों की उत्पादन लागत बढ़ गई, जिसके चलते कुछ समय के लिए उत्पादन रोकने और बाद में बढ़ी हुई कीमतों पर काम शुरू करने की स्थिति बनी। सिंगला ने बताया कि अप्रैल के बाद कंपनियों की ओर से व्यापारियों को नई रेट लिस्ट और संदेश भेजकर स्पष्ट कर दिया गया कि अब माल बढ़ी हुई कीमतों पर ही उपलब्ध होगा। कंपनियों ने दामों में करीब 25 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की है। इससे कारोबारियों के सामने चुनौती खड़ी हो गई है, क्योंकि उन्हें बढ़ी लागत के बावजूद ग्राहकों को उचित कीमत पर माल उपलब्ध करवाने का प्रयास करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पटाखों का कारोबार पूरे साल चलने वाला व्यवसाय नहीं है। दीपावली के त्योहार के दौरान ही इसकी मुख्य बिक्री होती है। इस व्यापार से जुड़े लोग सालभर इस अवसर की तैयारी करते हैं, इसलिए अचानक बढ़ी लागत के बावजूद उनके लिए कारोबार से पीछे हटना आसान नहीं है। व्यापारियों का प्रयास है कि अपने मुनाफे में कुछ कमी करके ग्राहकों को बेहतर गुणवत्ता वाले पटाखे उपलब्ध करवाए जाएं।
पहले ही कर लिया था माल का स्टॉक
मनीष सिंगला के अनुसार, व्यापारियों ने जनवरी-फरवरी में ही आसपास के क्षेत्रों से बिक्री के लिए पटाखों का स्टॉक जुटाना शुरू कर दिया था। इसके बावजूद कंपनियों की ओर से जारी नई दरों के कारण इस बार पटाखे पिछले साल की तुलना में महंगे रहेंगे। उन्होंने बताया कि कालेश्वरी फायर वर्क्स और वनिता फायर वर्क्स जैसी कंपनियों के पटाखों की कीमतों में भी लगभग 30 प्रतिशत तक इजाफा हुआ है।
सुरक्षा के लिए गुणवत्ता से समझौता न करें
पटाखा कारोबारी ने कहा कि दीपावली खुशियों का त्योहार है और इस दौरान बच्चों में आतिशबाजी को लेकर विशेष उत्साह रहता है। ऐसे में पटाखे खरीदते समय केवल कीमत को प्राथमिकता देने के बजाय उनकी गुणवत्ता और सुरक्षा पर भी ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि कोई बच्चा एक हजार रुपए के पटाखे चलाता है और घटिया गुणवत्ता के कारण कोई हादसा हो जाता है, तो उसका असर जीवनभर रह सकता है। सिंगला ने आमजन से अपील की कि वे पटाखे खरीदते समय भरोसेमंद ब्रांड और अच्छी गुणवत्ता को प्राथमिकता दें। उन्होंने बताया कि वे वनिता, कृष्णा और कालेश्वरी फायर वर्क्स के उत्पादों के कारोबार से जुड़े हैं और उनके अनुसार इन उत्पादों को लेकर शिकायतें बहुत कम आती हैं। उन्होंने कहा कि दीपावली की खुशियों के साथ बच्चों की सुरक्षा का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है।
