हनुमानगढ़। सुरेशिया इलाके की निवासी जसवीर कौर ने अपने परिवार को लगातार मिल रही जान से मारने की धमकियों और पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने के विरोध में पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर न्याय की मांग की है। ज्ञापन में उन्होंने पूरे घटनाक्रम का विस्तार से उल्लेख करते हुए परिवार की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। पीड़िता ने बताया कि 29 मार्च को उसके पुत्र बलवंत का मोबाइल एक परिचित के टेम्पो में रखा हुआ था, जिसे कथित रूप से सुरेशिया निवासी जगदीश उर्फ पम्मा द्वारा चोरी कर लिया गया। इस संबंध में थाने में रिपोर्ट भी दर्ज करवाई गई थी और बाद में मोबाइल बरामद हो गया। हालांकि, इस घटना के बाद आरोपी पक्ष ने रंजिश पाल ली और लगातार विवाद खड़ा करने लगा। ज्ञापन के अनुसार 9 अप्रैल 2026 को रात करीब 10:30 बजे आरोपी जगदीश अपने 4-5 साथियों के साथ बाजार में आया और बलवंत व उसके परिचित रवि के साथ गाली-गलौच व मारपीट की। इसके कुछ घंटों बाद, रात करीब 1 बजे आरोपी 8-10 लोगों के साथ पिकअप गाड़ी में सवार होकर पीड़िता के घर पहुंचा, जोर-जोर से गालियां दीं और घर का दरवाजा खुलवाकर अंदर घुस गया। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने परिवार को जान से मारने की धमकी दी और भय का माहौल बना दिया। अगले दिन 10 अप्रैल को आरोपी की पत्नी सीमा भी 5-7 अन्य लोगों के साथ घर पहुंची और पीड़िता व उसकी पुत्री के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए धमकियां दीं। 12 अप्रैल को समझौते के बहाने पीड़िता को अपने घर बुलाया गया, जहां पहले से कई लोग मौजूद थे। वहां उसके साथ हाथापाई की गई और फिर से उसके बेटे को जान से मारने की धमकी दी गई। इसके बाद भी आरोपी बार-बार पीड़िता के घर के बाहर आकर डराने-धमकाने का प्रयास कर रहे हैं। पीड़िता ने बताया कि 13 अप्रैल को थाने में तथा उससे पहले सुरेशिया चौकी में भी प्रार्थना पत्र दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उल्टा उन्हें ही थाने बुलाकर परेशान किया जा रहा है, जिससे उनकी मानसिक स्थिति और अधिक खराब हो रही है। जसवीर कौर ने बताया कि वह अपने 12 और 18 वर्ष के बच्चों के साथ रहती हैं और लगातार मिल रही धमकियों के कारण पूरा परिवार भय के साये में जीने को मजबूर है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि मामले में तत्काल मुकदमा दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, साथ ही उनके और उनके परिवार के जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। पीड़िता ने उम्मीद जताई है कि पुलिस प्रशासन इस गंभीर मामले को प्राथमिकता देते हुए न्याय दिलाने में सहयोग करेगा।
