हनुमानगढ़। नोहर सिंचाई परियोजना में लगातार बनी हुई पानी की कमी को लेकर मुख्य अभियंता, जल संसाधन (उत्तर) हनुमानगढ़ प्रदीप रुस्तगी ने विभागीय अधिकारियों के साथ नोहर सिंचाई कॉलोनी में समीक्षा बैठक की। इसके बाद सिरसा में भाखड़ा जल सेवाएं एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक कर पंजाब एवं हरियाणा से राजस्थान को मिल रहे पानी की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में अधीक्षण अभियंता भाखड़ा जल सेवाएं वृत्त सिरसा, अधीक्षण अभियंता जल संसाधन वृत्त नोहर, अधिशासी अभियंता जल संसाधन खंड नोहर, अधिशासी अभियंता भाखड़ा जल सेवाएं खंड नहराना सहित अन्य अधिकारियों ने हिस्सा लिया। मुख्य अभियंता रुस्तगी ने नोहर एवं भादरा क्षेत्र में निर्धारित मात्रा से कम पानी मिलने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को राजस्थान के हिस्से का पूरा पानी सुनिश्चित कराने के लिए प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने हरियाणा-पंजाब संपर्क बिंदु से लेकर सीपी-4 एवं सीपी-5 तक संयुक्त निरीक्षण कराने तथा केन्द्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) एवं भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) के सहयोग से पानी का वैज्ञानिक मापन शीघ्र कराने पर भी जोर दिया, ताकि वास्तविक जल उपलब्धता का आकलन कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके। बैठक एवं निरीक्षण के दौरान राजस्थान राज्य जल उपयोक्ता संगम के अध्यक्ष गुरमेल सिंह, कृष्ण गोदारा, इंद्राज पटीर, हरमीत सिंह सहित विभागीय अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
