नई दिल्ली/चंडीगढ़। प्रधानमंत्री आवास के बाहर मंगलवार शाम कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत कई वरिष्ठ नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पंजाब के सांसद चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा, कांग्रेस के पंजाब प्रधान एवं लुधियाना सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग सहित कई नेताओं को भी पुलिस ने डिटेन किया। बाद में सभी नेताओं को कुछ दूरी पर ले जाकर छोड़ दिया गया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस चरणजीत सिंह चन्नी को घसीटते हुए बस तक ले गई। इस दौरान चन्नी ने नारे लगाते हुए कहा, “जब-जब मोदी डरता है, तब-तब पुलिस को आगे करता है। यह भाजपा का आतंकवाद है। सरकार छात्रों की बात नहीं सुन रही।” वहीं सुखजिंदर सिंह रंधावा और राजा वड़िंग के साथ भी पुलिस की धक्का-मुक्की हुई। कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में चंडीगढ़ राजभवन के बाहर पंजाब कांग्रेस नेताओं ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राणा केपी सिंह की अगुवाई में देर शाम धरना शुरू कर दिया। कुछ देर बाद चंडीगढ़ पुलिस ने करीब 40 कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लेकर सेक्टर-3 थाने पहुंचाया, जहां से बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।

बेहद गोपनीय रही प्रदर्शन की योजना
कांग्रेस का यह विरोध प्रदर्शन पूरी तरह गोपनीय रखा गया। जानकारी के अनुसार कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास से राहुल गांधी समेत सभी सांसद पैदल मार्च करते हुए प्रधानमंत्री आवास की ओर रवाना हुए। जब प्रदर्शनकारी पीएम आवास से करीब 100 मीटर दूर पहुंचे, तभी मीडिया को इसकी जानकारी दी गई।बताया जा रहा है कि मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का 84वां जन्मदिन था। इसी बहाने कांग्रेस सांसदों को उनके आवास पर बुलाया गया था। सभी नेताओं के एकत्र होने के बाद अचानक पीएम आवास तक मार्च निकालने और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर धरना देने का फैसला किया गया।
पंजाब के कई सांसद हुए शामिल
राहुल गांधी के साथ प्रदर्शन में पंजाब कांग्रेस के प्रधान एवं लुधियाना सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पटियाला सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी, अमृतसर सांसद गुरजीत सिंह औजला, फतेहगढ़ साहिब सांसद डॉ. अमर सिंह समेत कई कांग्रेस सांसद शामिल रहे।

रंधावा बोले— सरकार छात्रों की नहीं सुन रही
हिरासत से रिहा होने के बाद सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथ धक्का-मुक्की की और जबरन उठाकर ले गई। उन्होंने कहा, “अगर हमारे साथ ऐसा व्यवहार किया गया है तो छात्रों के साथ कैसा व्यवहार किया गया होगा।”
रंधावा ने कहा कि नीट पेपर लीक से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगा जा रहा है तो सरकार को इस पर निर्णय लेना चाहिए। भाजपा बार-बार कांग्रेस सरकार के समय की बात करती है, लेकिन मौजूदा सरकार की जिम्मेदारी है कि व्यवस्था को सुधारे।

बाजवा ने उठाए सवाल
पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि सरकार छात्रों की मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार बातचीत करना चाहती तो गृह मंत्री या शिक्षा मंत्री के साथ बैठक होती। “भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा के साथ बैठक का क्या औचित्य है? सरकार छात्रों से संवाद करने से बच रही है,” उन्होंने कहा।
