हनुमानगढ़। धाणका (धानका) समाज के जाति प्रमाण पत्र बनाए जाने पर कथित रूप से लगी मौखिक रोक हटाने की मांग को लेकर जिला कलक्ट्रेट के समक्ष चल रहा समाज का बेमियादी धरना शुक्रवार को 306वें दिन में प्रवेश कर गया। लंबे समय से मांगों पर कार्रवाई नहीं होने से नाराज समाज के लोगों ने जिला कलक्ट्रेट के सामने जिला प्रभारी मंत्री का पुतला दहन कर विरोध जताया। धरने के दौरान समाज के प्रतिनिधि जितेन्द्र सिंह ने कहा कि जाति प्रमाण पत्र नहीं बनने के कारण समाज के बच्चों को उच्च शिक्षा और रोजगार के अवसरों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

प्रमाण पत्र के अभाव में युवा विभिन्न सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन तक नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन का कहना है कि राजस्थान में धानका समाज के लोग नहीं रहते, जबकि समाज के लोग लंबे समय से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनका कहना था कि इसी मुद्दे को लेकर समाज पिछले 306 दिनों से लगातार धरना दे रहा है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। जितेन्द्र सिंह ने बताया कि धरना अवधि के दौरान मुख्यमंत्री का हनुमानगढ़ दौरा भी हुआ था, लेकिन समाज के लोगों को उनसे मिलने का अवसर नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभारी मंत्री और स्थानीय भाजपा नेताओं के कारण समाज के प्रतिनिधियों की मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं हो सकी तथा उन्हें मिलने के बजाय पुलिस थाने में बैठा दिया गया।

उन्होंने सरकार और प्रशासन पर समाज की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। समाज के प्रतिनिधियों ने घोषणा की कि एक जुलाई को जिला कलक्ट्रेट के समक्ष चल रहे धरनास्थल से हजारों लोगों के साथ जयपुर कूच किया जाएगा। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो प्रभारी मंत्री के हनुमानगढ़ दौरे का विरोध किया जाएगा और उन्हें काले झंडे दिखाए जाएंगे। धरनार्थियों ने सरकार से धानका समाज के लोगों के जाति प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने तथा लंबित मामलों का समाधान करने की मांग की।
