हनुमानगढ़। ग्राम रणजीतपुरा के ग्रामीणों की ओर से श्रम आयुक्त, राजस्थान सरकार को ज्ञापन भेजकर एक अधिवक्ता पर कथित रूप से गलत तथ्यों के आधार पर मजदूर कार्ड बनवाने और श्रमिक योजनाओं का लाभ लेने का आरोप लगाया गया है। यह ज्ञापन जिला श्रम कल्याण अधिकारी के माध्यम से भेजा गया है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि चक 8 आरपी, रणजीतपुरा निवासी जगतपाल पुत्र लेखराम ने राजस्थान श्रमिक निर्माण विभाग की योजनाओं का अनुचित लाभ लेने के उद्देश्य से मजदूर कार्ड बनवाया। आरोप है कि संबंधित व्यक्ति पेशे से अधिवक्ता है और वर्तमान में भी हनुमानगढ़ के न्यायालयों में वकालत कर रहा है। ज्ञापन में यह भी दावा किया गया कि संबंधित व्यक्ति के नाम से लगभग 25 किला नहरी भूमि व अन्य संपत्तियां मौजूद हैं। इसके बावजूद भाई के मकान पर 90 दिन मजदूरी करने का अनुभव दर्शाकर मजदूर कार्ड जारी करवाया गया। आरोप है कि इस कार्ड के जरिए छात्रवृत्ति एवं सुकन्या योजना का लाभ लेने का प्रयास भी किया गया। ग्रामीणों ने ज्ञापन में हनुमानगढ़ जिला स्तर के विभागीय कर्मचारियों एवं अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए बिना पर्याप्त जांच के कार्ड स्वीकृत करने का आरोप लगाया है। साथ ही दावा किया गया कि जिले में बड़ी संख्या में फर्जी मजदूर कार्ड जारी होने से सरकारी योजनाओं में करोड़ों रुपए के नुकसान की आशंका है। ज्ञापन में श्रम आयुक्त से संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध धोखाधड़ी एवं कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कराने की मांग की गई है। इसके अलावा वर्ष 2016-17 से हनुमानगढ़ जिले में जारी मजदूर कार्डांे एवं उनसे संबंधित योजनाओं के अनुदान की जांच के लिए राज्य स्तरीय टीम गठित करने की मांग भी उठाई गई है। इस मौके पर बलकार सिंह, केसराराम, मोहन सिंह, देवीलाल, श्योपत, कृष्णलाल, पृथ्वीराज, रेवंतराम, विजय कुमार, ओमप्रकाश मौजूद रहे।
