– माकपा ने जिला कलक्टर को सौंपा ज्ञापन, मनमानी ब्याज दरों और वसूली के नाम पर धमकाने के लगाए आरोप
हनुमानगढ़। जिले में संचालित निजी फाइनेंस कंपनियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी (माकपा) के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर जांच कमेटी गठित करने और अनियमितताएं मिलने पर कार्रवाई की मांग की। माकपा पदाधिकारियों के अनुसार जंक्शन में शहीद भगत सिंह चौक से श्रीगंगानगर रोड स्थित रेलवे ओवरब्रिज तक करीब एक किलोमीटर के दायरे में 50 से अधिक फाइनेंस कंपनियों के कार्यालय संचालित हैं। इनमें कुछ कंपनियां कम ब्याज पर ऋण देने का भरोसा देकर बाद में 28 से 40 प्रतिशत तक ब्याज वसूलती हैं। फाइल चार्ज और अन्य शुल्क के नाम पर ऋण राशि में कटौती की जाती है। अंग्रेजी में लिखी शर्तांे के कारण उपभोक्ताओं को पूरी जानकारी नहीं मिल पाती। पार्टी के अनुसार, दो लाख रुपए के ऋण पर 25 हजार रुपए तक विभिन्न शुल्कों के नाम पर काट लिए जाते हैं और ब्याज सहित उपभोक्ता पर चार लाख रुपए तक चुकाने का बोझ पड़ सकता है। किस्त बकाया होने पर वसूलीकर्मियों की ओर से धमकाने और सार्वजनिक रूप से अपमानित करने के आरोप भी लगाए गए। माकपा ने संबंधित कंपनियों के लाइसेंस, अनुमति पत्र, एनओसी और अन्य दस्तावेजों की जांच करवाने, नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा जरूरत पड़ने पर उन्हें सील करने की मांग की। साथ ही ऋण की शर्तंे हिंदी में उपलब्ध करवाने, ब्याज दरों की जानकारी कार्यालयों के बाहर प्रदर्शित करने और उपभोक्ताओं के दस्तावेज नियमानुसार वापस दिलवाने की मांग की। ज्ञापन में एपेक फाइनेंस, अभियान कैपिटल फाइनेंस, आधार हाउसिंग फाइनेंस, बजाज फाइनेंस, श्रीराम फाइनेंस, पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस, पिरामल फाइनेंस सहित कई कंपनियों की जांच की मांग की गई है। पार्टी ने चेतावनी दी कि कार्रवाई नहीं होने पर जिलेभर में आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर शेरसिंह शाक्य, रघुवीर वर्मा, बसंत सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।
