– करीब 10 वर्षां से जलभराव की समस्या से जूझ रहे ग्रामीण- ग्राम पंचायत ने सड़क का लेवल बढ़ाने और निकासी व्यवस्था सुधारने का दिया भरोसा
हनुमानगढ़। मानसून की बारिश गांव रोड़ांवाली के ग्रामीणों के लिए हर साल परेशानी का सबब बन जाती है। बारिश के दौरान गांव का जोहड़ पायतन ओवरफ्लो होने से आसपास की गलियों और कई घरों में पानी भर जाता है। हालात ऐसे बन जाते हैं कि लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो जाता है। लंबे समय से चली आ रही इस समस्या के समाधान के लिए शनिवार को ग्राम पंचायत प्रशासन ने मौके का निरीक्षण किया और जल्द राहत दिलाने का आश्वासन दिया। शनिवार को ग्राम पंचायत प्रशासक ने ठेकेदार के साथ प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया और ग्रामीणों से चर्चा कर समस्या के स्थायी समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिलाया। ग्रामीण सुखराम ने बताया कि तेज बारिश होने पर उनके मकान के सामने बनी गली पूरी तरह पानी से भर जाती है। कई-कई दिनों तक पानी की निकासी नहीं होने के कारण गलियों के साथ-साथ घरों में भी पानी घुस जाता है। उन्होंने बताया कि यह समस्या पिछले करीब 10 वर्षांे से बनी हुई है। ग्राम पंचायत की ओर से हर बार सड़क ऊंची करवाने का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन आज तक समाधान नहीं हो पाया। उन्होंने मांग की कि सड़क का स्तर ऊंचा किया जाए ताकि जलभराव की समस्या से स्थायी राहत मिल सके। ग्राम पंचायत प्रशासक प्रतिनिधि आमिन भाटी ने बताया कि जोहड़ पायतन के आसपास बने मकानों का स्तर सड़क से ऊंचा है, जबकि सड़क नीची होने के कारण मानसून में जोहड़ ओवरफ्लो होने पर पानी गलियों में भर जाता है। उन्होंने बताया कि इस समस्या को देखते हुए बस स्टैंड से प्रभावित गली तक सड़क निर्माण कार्य कराया जा रहा है तथा ठेकेदार से सड़क का लेवल डेढ़ से दो फीट तक ऊंचा करने के संबंध में भी चर्चा की जाएगी।

उन्होंने बताया कि मानसून को देखते हुए गांव में दो नए बोरवेल लगाए गए हैं और उनकी सफाई का कार्य भी कराया जा चुका है। इसके अलावा गांव में सफाई अभियान भी चलाया जा रहा है। आमिन भाटी ने बताया कि पहले गांव का जोहड़ पायतन करीब 14 बीघा क्षेत्र में फैला हुआ था, लेकिन अतिक्रमणों के कारण अब इसका क्षेत्रफल घटकर लगभग 7 बीघा रह गया है। गांव की नालियों का पूरा पानी इसी जोहड़ में पहुंचता है। जोहड़ का क्षेत्र कम होने के कारण भारी बारिश के दौरान पानी समाहित नहीं हो पाता और गलियों में जलभराव की स्थिति बन जाती है। उनका कहना था कि यदि जोहड़ की जमीन पर अतिक्रमण नहीं हुए होते तो आज यह समस्या काफी हद तक नहीं होती। ग्राम विकास अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि गांव के पानी की निकासी पूर्व दिशा में बने बड़े नाले के माध्यम से होती है। ग्राम पंचायत पिछले लगभग एक सप्ताह से इस नाले की सफाई करवा रही है। जोहड़ के पास बने दोनों बोरवेलों की भी साफ-सफाई पूरी कर ली गई है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत मानसून के दौरान पानी की निकासी के लिए हरसंभव प्रयास करेगी और आवश्यकता पड़ने पर पंप सेट लगाकर भी जलभराव की समस्या से राहत दिलाई जाएगी।
