– वार्ड 47 में उम्मीदवार नहीं उतारकर बढ़ाया सियासी सस्पेंस- एसडीएम को सौंपी अधिकृत प्रत्याशियों की सूची, दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में पूरी हुई प्रक्रिया
हनुमानगढ़। नगर परिषद हनुमानगढ़ के 11 सितम्बर को होने वाले निकाय चुनाव को लेकर भाजपा ने सोमवार को अपने चुनावी पत्ते खोलते हुए 60 में से 59 वार्डांे में प्रत्याशियों की घोषणा कर दी। भाजपा ने एक वार्ड को खाली छोड़कर बाकी सभी वार्डांे में उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। पार्टी की ओर से अधिकृत प्रत्याशियों की सूची रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम रवि कुमार को सौंप दी गई। हालांकि वार्ड 47 में प्रत्याशी नहीं उतारने के भाजपा के फैसले ने चुनावी माहौल में नया सस्पेंस पैदा कर दिया है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख पर भाजपा ने प्रत्याशियों की सूची सार्वजनिक की।

सिंबल वितरण के दौरान बीकानेर संभाग प्रभारी जसवंत बिश्नोई, जिला सह प्रभारी जितेंद्र शर्मा, जिलाध्यक्ष प्रमोद डेलू, ओम सोनी, भाजपा नेता अमित सहू सहित पार्टी के कई नेता मौजूद रहे। अंतिम समय तक प्रत्याशियों की सूची को लेकर भाजपा ने गोपनीयता बनाए रखी। भाजपा ने वार्ड 1 से 46 तक प्रत्याशी घोषित किए, जबकि वार्ड 47 को खाली छोड़ दिया। इसके बाद वार्ड 48 से लेकर 60 तक भी प्रत्याशियों की घोषणा कर दी गई। ऐसे में अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि भाजपा ने वार्ड 47 में उम्मीदवार क्यों नहीं उतारा। वार्ड 47 में प्रत्याशी नहीं उतारने का फैसला किसी स्थानीय राजनीतिक समीकरण, संभावित रणनीतिक समझ या अन्य चुनावी गणित से जुड़ा है या नहीं, इसे लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि पार्टी की ओर से इस संबंध में कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। ऐसे में चुनाव के बीच वार्ड 47 सियासी हॉटस्पॉट बन गया है।
भाजपा ने इन प्रत्याशियों पर जताया भरोसा
भाजपा की ओर से वार्ड 1 से बलविंद्र कौर, वार्ड 2 से हरबंस कौर, वार्ड 3 से देवीलाल शाक्य, वार्ड 4 से राजेश मदान, वार्ड 5 से अकबर अली, वार्ड 6 से अनिल राठौड़, वार्ड 7 से सुमन देवी, वार्ड 8 से काजल, वार्ड 9 से मनप्रीत सिंह सैनी, वार्ड 10 से परितोष कुमार, वार्ड 11 से बजरंग लाल, वार्ड 12 से पवन भोबिया, वार्ड 13 से सुमित्रा, वार्ड 14 से ओमप्रकाश मेघवाल, वार्ड 15 से नगीना बाई, वार्ड 16 से शिवानी मीणा, वार्ड 17 से हिमांशु महर्षि, वार्ड 18 से मीना, वार्ड 19 से संजू सराफ, वार्ड 20 से रेखा, वार्ड 21 से महादेव भार्गव, वार्ड 22 से शारदा, वार्ड 23 से सुनीता देवी को मैदान में उतारा गया है।

वार्ड 24 से गजेंद्र सिंह राठौड़, वार्ड 25 से महावीर सिल्लू, वार्ड 26 से विकास डोडा, वार्ड 27 से शीलादेवी, वार्ड 28 से अशोक खिच्ची, वार्ड 29 से सुमित्रा, वार्ड 30 से शिमला मेहंदीरत्ता, वार्ड 31 से सुनीता, वार्ड 32 से जगरुप सिंह, वार्ड 33 से शिमला, वार्ड 34 से कृष्णलाल और वार्ड 35 से कुलविंद्र कौर भाजपा प्रत्याशी हैं। वार्ड 36 से सुनीता देवी, वार्ड 37 से सोनू, वार्ड 38 से रजत मावर, वार्ड 39 से ललित कुमार जैन, वार्ड 40 से श्रवण कुमार सैनी, वार्ड 41 से मंजू, वार्ड 42 से विनिता बतरा, वार्ड 43 से सीमा डोडा, वार्ड 44 से मानविंद्र, वार्ड 45 से बबलूदास और वार्ड 46 से गरिमा चौधरी को टिकट दिया गया है। वार्ड 47 में भाजपा ने प्रत्याशी घोषित नहीं किया। इसके बाद वार्ड वार्ड 48 से अंजना जैन, वार्ड 49 से प्रियंका भाखर, वार्ड 50 से अमरजीत सिंह, वार्ड 51 से कुलदीप कुमार शर्मा, वार्ड 52 से मनोहरलाल, वार्ड 53 से राजेश कुमारी, वार्ड 54 से आशा शर्मा, वार्ड 55 से हाकम सिंह, वार्ड 56 से हरप्रीत कौर, वार्ड 57 से वंदना गौतम, वार्ड 58 से मुकेश ओड़, वार्ड 59 से दुलीचंद और वार्ड 60 से दिनेश पाल को भाजपा ने अपना उम्मीदवार बनाया है।
कांग्रेस के बाद भाजपा ने भी साफ की तस्वीर
कांग्रेस की ओर से सभी 60 वार्डांे में प्रत्याशी उतारे जाने के बाद अब भाजपा ने भी 59 वार्डांे में उम्मीदवार घोषित कर चुनावी मुकाबले की तस्वीर काफी हद तक साफ कर दी है। अब वार्डवार प्रत्याशियों के बीच आमने-सामने की टक्कर, निर्दलीय उम्मीदवारों की भूमिका, बागियों की सक्रियता और स्थानीय समीकरण चुनाव की दिशा तय करेंगे। वहीं वार्ड 47 में भाजपा के ‘नो कैंडिडेट’ फैसले पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।
45 से अधिक वार्ड जीतकर बोर्ड बनाने का दावा
भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद डेलू ने कहा कि पार्टी के सभी कार्यकर्ता एकजुट हैं और सभी वार्डांे में भाजपा प्रत्याशी मजबूती से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने दावा किया कि हनुमानगढ़ नगर परिषद में 45 से अधिक वार्ड जीतकर भाजपा बड़े बहुमत के साथ बोर्ड बनाएगी। उन्होंने कहा कि जनता भाजपा के साथ है और कांग्रेस तथा निर्दलीय विधायक पक्ष के लोग झूठी अफवाहें फैला रहे हैं।

डेलू ने कहा कि पार्टी में टिकट मांगने का अधिकार सभी को है और कार्यकर्ताओं की अपेक्षाएं होना स्वाभाविक है। भाजपा ने सर्वे, आपसी सहमति और स्थानीय समीकरणों के आधार पर प्रत्याशियों का चयन किया है। तीन नामों का पैनल बनाकर जयपुर भेजा गया था, जिस पर प्रदेश स्तर पर चर्चा के बाद प्रत्याशियों के नाम तय किए गए। उन्होंने कहा कि भाजपा किसी एक व्यक्ति की पार्टी नहीं है। एक कार्यकर्ता को टिकट मिलने के बाद बाकी कार्यकर्ता उसके साथ खड़े होते हैं। हर वार्ड में सहमति बनाने के प्रयास किए गए हैं और जहां कुछ कमी है, वहां भी सहमति बनाने का प्रयास जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि संगठन के साथ अनुशासनहीनता या अन्याय करने वालों के खिलाफ प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी।
