गोलूवाला। भारतीय किसान संघ तहसील इकाई की मासिक बैठक तहसील अध्यक्ष नरेन्द्र छींपा की अध्यक्षता में कृषि उपज मंडी समिति किसान भवन में आयोजित हुई। बैठक का शुभारंभ भारत माता, भगवान बलराम एवं संघ संस्थापक दत्तोपंत ठेंगड़ी के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद धारणिया मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। बैठक में किसानों एवं आमजन से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर विस्तृत चर्चा कर समाधान हेतु रणनीति बनाई गई। किसानों ने गेहूं खरीद व्यवस्था में आ रही परेशानियों को प्रमुखता से उठाते हुए बताया कि मंडियों में टोकन कटने के बावजूद समय पर खरीद नहीं हो रही है। पर्याप्त बारदाना उपलब्ध नहीं होने से किसानों को कई दिनों तक अपनी उपज के साथ इंतजार करना पड़ रहा है। संगठन ने खरीद केंद्रों पर तत्काल पर्याप्त बारदाना उपलब्ध करवाने की मांग की। बैठक में यह मुद्दा भी उठाया गया कि गेहूं खरीद के दौरान प्रति क्विंटल 600 से 800 ग्राम तक अतिरिक्त गेहूं तोला जा रहा है। भारतीय किसान संघ ने कहा कि बारदाने के वजन से अधिकतम 100 ग्राम अतिरिक्त वजन तक किसानों को आपत्ति नहीं है, लेकिन उससे अधिक वजन लेने का विरोध किया जाएगा। किसानों ने मंडियों में गेहूं के थैलों के अंबार लगे होने तथा उठाव व्यवस्था सुचारू नहीं होने पर भी नाराजगी जताई। संगठन ने कहा कि खरीद पंजीकरण की अंतिम तिथि 30 मई निर्धारित है, लेकिन धीमी खरीद प्रक्रिया के कारण किसान समय पर उपज नहीं बेच पा रहे हैं और उन्हें मजबूरन कम दामों में फसल बेचनी पड़ रही है। इस संबंध में जिला कलेक्टर के नाम नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया। बैठक में क्षेत्र की गैस वितरण व्यवस्था का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। किसानों ने बताया कि गोदारा गैस एजेंसी द्वारा पहले गांव-गांव गैस सिलेंडर की सप्लाई की जाती थी, लेकिन पिछले दो-तीन महीनों से यह व्यवस्था बंद है। अब उपभोक्ताओं को 30 से 40 किलोमीटर दूर एजेंसी तक जाना पड़ रहा है। संगठन ने यह मामला जिला रसद अधिकारी श्रीगंगानगर के समक्ष उठाया, जिन्होंने समाधान का आश्वासन दिया। अटल भूजल योजना के तहत बनी कृषि डिग्गियों के लंबित अनुदान भुगतान का मुद्दा भी बैठक में उठा। किसानों ने बताया कि दो वर्षों से भुगतान लंबित है, जिससे आर्थिक परेशानी बढ़ रही है। संगठन ने शीघ्र भुगतान की मांग की। जल जीवन मिशन के तहत 33 एलएलडब्ल्यू से 9 यूटीएस तक पेयजल आपूर्ति के लिए बनी डीपीआर पर भी चर्चा हुई। किसानों ने आरोप लगाया कि करीब एक वर्ष पूर्व डीपीआर तैयार होने के बावजूद कार्य शुरू नहीं हुआ है, जिससे ग्रामीणों और विद्यार्थियों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। बैठक में बाजार की ट्रैफिक व्यवस्था और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी नाराजगी जताई गई। संगठन ने कहा कि कई बार ज्ञापन देने के बावजूद बाजार में जाम और अव्यवस्था की समस्या बनी हुई है, जबकि ट्रैफिक पुलिस चालान कार्रवाई पर अधिक ध्यान दे रही है। तहसील अध्यक्ष नरेन्द्र छींपा ने चेतावनी दी कि यदि क्षेत्र की पुलिस एवं प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो भारतीय किसान संघ यह मामला राजस्थान के उच्च पुलिस अधिकारियों तक उठाएगा। बैठक के अंत में नशा मुक्ति अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने तथा गर्मी के मौसम में पक्षियों एवं पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था करने का आह्वान किया गया। इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद धारणिया, तहसील अध्यक्ष नरेन्द्र छींपा, तहसील उपाध्यक्ष पृथ्वी स्वामी, महावीर भांभू, रजीराम सुथार, विजयपाल गोदारा, विक्की निवाद, लालचंद सिद्ध, कृष्णलाल निवाद, रिछपाल छींपा, नाजम सिंह समरा, महेंद्र सिद्ध सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
