हनुमानगढ़। कांग्रेस पार्टी की ओर से मनरेगा संग्राम के तहत शनिवार को ग्राम मक्कासर में जनसभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मनरेगा योजना को सशक्त बनाए रखने, मजदूरों को उनके अधिकार दिलाने तथा रोजगार की गारंटी को सुरक्षित रखने को लेकर जनजागरण करना रहा। जनसभा को संबोधित करते हुए पीसीसी सदस्य भूपेन्द्र चौधरी ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना देश के गरीब, मजदूर और ग्रामीण परिवारों की जीवनरेखा है। इस योजना के माध्यम से गांवों में रोजगार के साथ-साथ विकास कार्यां को भी गति मिली है। लेकिन वर्तमान समय में मनरेगा के बजट में कटौती, भुगतान में देरी और काम के दिनों को सीमित करने जैसे प्रयास मजदूर विरोधी हैं, जिन्हें किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। पंचायत समिति के पूर्व प्रधान दयाराम जाखड़ ने कहा कि मनरेगा ने ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन को रोकने में अहम भूमिका निभाई है। यदि इस योजना को कमजोर किया गया तो गांव के गरीब परिवारों की आर्थिक स्थिति पर सीधा असर पड़ेगा। उन्होंने मजदूरों से संगठित होकर अपने हक के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया। देहात कांग्रेस अध्यक्ष संदीप सिद्धू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी शुरू से ही मजदूर, किसान और गरीब वर्ग के साथ खड़ी रही है। मनरेगा कांग्रेस की ऐतिहासिक देन है, जिसने ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मनरेगा को खत्म करने की मंशा से लगातार इसके स्वरूप में बदलाव कर रही है, जिसका कांग्रेस हर स्तर पर विरोध करेगी। यूथ कांग्रेस अध्यक्ष रणवीर सिहाग ने कहा कि मनरेगा केवल रोजगार योजना नहीं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार है। युवाओं को चाहिए कि वे मजदूरों की इस लड़ाई में आगे आकर सहयोग करें और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करें। सभा के दौरान वक्ताओं ने मजदूरी का समय पर भुगतान, काम के पूरे 100 दिन, जॉब कार्ड में पारदर्शिता और स्थानीय स्तर पर अधिक से अधिक काम उपलब्ध कराने की मांग उठाई। इस मौके पर अनिल भाम्भू, राजेंद्र तंवर, महावीर सियाग, सोमप्रकाश शर्मा, रूलदुसिंह, कालूराम लदोइया, कृष्णलाल वर्मा, रामकुमार स्वामी, नारायण राम, डॉ. विजय पाल, रूप सिंह, गोरीशंकर मेघवाल, मंशाराम मेघवाल, चेतनराम नायक, धर्मवीर शर्मा मौजूद थे।
