– जिला स्तरीय प्रशिक्षण शिविर में मनरेगा मजदूरों की समस्याओं पर हुआ मंथन
हनुमानगढ़। राजस्थान खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन का एकदिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण शिविर गुरुवार को टाउन स्थित फूडग्रेन धर्मशाला में आयोजित किया गया। शिविर में यूनियन के राष्ट्रीय सहसचिव बृजलाल भारती ने विशेष रूप से भाग लेकर मनरेगा मजदूरों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। प्रशिक्षण शिविर को संबोधित करते हुए बृजलाल भारती ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने वाला महत्वपूर्ण कानून था। इसके माध्यम से जरूरतमंद लोगों को रोजगार मिलता था और रोजगार नहीं मिलने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान भी था। उन्होंने कहा कि मनरेगा ने ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूरों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने मनरेगा के लिए कभी पर्याप्त बजट आवंटित नहीं किया और न ही मजदूरों की मजदूरी में अपेक्षित बढ़ोतरी की गई। कई बार मजदूरों को काम करने के बाद भी महीनों तक भुगतान का इंतजार करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों के कारण मनरेगा के प्रति लोगों की उम्मीदों को झटका लगा है। बृजलाल भारती ने कहा कि यूनियन मनरेगा को पुन: प्रभावी ढंग से लागू करवाने के लिए संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने मांग की कि मनरेगा में ठेकेदारों और मशीनों के उपयोग पर रोक लगाई जाए तथा मजदूरों को अधिक रोजगार उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि यूनियन मनरेगा के तहत वर्ष में 200 दिन रोजगार, न्यूनतम 700 रुपये प्रतिदिन मजदूरी, समय पर मजदूरी भुगतान तथा मनरेगा मद में बजट बढ़ाने की मांग को प्रमुखता से उठाएगी। शिविर में मनरेगा मजदूरों की समस्याओं, संगठन को मजबूत बनाने तथा भविष्य की रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर रघुवीर वर्मा, जगजीत सिंह जग्गी सहित यूनियन के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता और मजदूर नेता उपस्थित रहे।
