– तलवाड़ा झील पंचायत में मजदूरी कम निकालने, काम नहीं देने और सुविधाओं के अभाव का लगाया आरोप
हनुमानगढ़। भारत की जनवादी नौजवान सभा (डीवाईएफआई) हनुमानगढ़ ने पंचायत तलवाड़ा झील में मनरेगा मजदूरों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि पंचायत तलवाड़ा झील में 3 मई से 17 मई 2026 तक मनरेगा के प्रथम पखवाड़े के दौरान सामुदायिक नहर आरडी 00 से आरडी 24 तक कार्य कराया गया, जिसमें करीब 180 मजदूरों ने काम किया। संगठन के अनुसार मजदूरों ने निर्धारित कार्य पूरा किया, लेकिन उन्हें 212 से 215 रुपये तक ही मजदूरी प्राप्त हुई। डीवाईएफआई ने आरोप लगाया कि 18 मई से 2 जून 2026 तक चले दूसरे मस्टररोल में लगभग 120 मजदूरों ने नहर पर कार्य किया, लेकिन उन्हें केवल 172 रुपये मजदूरी दी गई। संगठन का कहना है कि संबंधित कर्मचारियों द्वारा रंजिशवश मजदूरी कम निकाली गई, जबकि मजदूरों ने पूरा कार्य किया था। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि पंचायत क्षेत्र में 1200 से अधिक मनरेगा मजदूर सक्रिय हैं, बावजूद इसके उन्हें पर्याप्त रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। साथ ही कंप्यूटर ऑपरेटर पर मजदूरों से निजी खेतों में कार्य करवाने का आरोप लगाया गया है। संगठन ने मनरेगा कार्यस्थलों पर छाया, पेयजल तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं के अभाव का मुद्दा भी उठाया। डीवाईएफआई ने मांग की कि मजदूरों की समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए तथा दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते मांगों का समाधान नहीं किया गया तो भारत की जनवादी नौजवान सभा (डीवाईएफआई) हनुमानगढ़ आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी।
