हनुमानगढ़। भारतीय किसान संघ, राजस्थान प्रदेश की ओर से मुख्यमंत्री को अतिरिक्त जिला कलक्टर के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित कर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में आवश्यक बदलाव करने, खरीफ फसलों की बुवाई के लिए पर्याप्त खाद एवं डीजल उपलब्ध कराने सहित किसानों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की गई है। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की अधिसूचना में खड़ी फसल के नुकसान पर व्यक्तिगत क्लेम का प्रावधान समाप्त कर दिया गया था, जिसका भारतीय किसान संघ ने शुरू से विरोध किया है। अब बीमा कंपनियों के साथ नया अनुबंध होने जा रहा है, ऐसे में किसानों के हित में आवश्यक संशोधन किए जाने चाहिए। उन्होंने बताया कि ट्रैक्टरों की सीमित टैंक क्षमता के कारण केवल वाहन टैंक में डीजल देने की व्यवस्था व्यवहारिक नहीं है। संघ ने मांग की कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को बिना मात्रात्मक प्रतिबंध के डीजल उपलब्ध कराया जाए। किसानों को सामान्य प्लास्टिक ड्रम में कृषि कार्य के लिए डीजल उपलब्ध कराने की अनुमति दी जानी चाहिए। इसके अलावा किसानों को समय पर पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने तथा अनुदानित खाद उपलब्ध कराने वाली कंपनियों को अन्य उत्पादों की अनिवार्य बिक्री से रोकने की मांग भी उठाई गई। संघ ने कहा कि खाद की कमी और टैगिंग जैसी व्यवस्थाओं से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फसल बीमा योजना के संबंध में भारतीय किसान संघ ने खड़ी फसल के नुकसान को पुन: व्यक्तिगत क्लेम की श्रेणी में शामिल करने की मांग दोहराई। संघ ने चेतावनी दी कि यदि खरीफ सीजन से पहले योजना में किसानों के हित में बदलाव नहीं किया गया तो संगठन फसल बीमा योजना का सामूहिक बहिष्कार कर आंदोलन शुरू करेगा। ज्ञापन में ग्रामीण सेवा शिविरों के दौरान खातेदारी भूमि की तरमीम मौके पर कब्जे अथवा बहुमत की सहमति के आधार पर करवाने, राज्य सरकार की ओर से घोषित 500 किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के गठन की प्रक्रिया शुरू करने तथा सभी 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्रों पर ऑटोमेटिक पावर कैपेसिटर लगाने की मांग भी की गई। साथ ही लंबित नए कृषि विद्युत कनेक्शन जारी करने की मांग रखी गई। वन विभाग से संबंधित मांगों में किसानों की फसलों को वन्य जीवों से होने वाले नुकसान की भरपाई सुनिश्चित करने तथा वन्य जीवों के कारण होने वाली घटनाओं की जिम्मेदारी तय करने की मांग शामिल रही। इसके अतिरिक्त शहरी विकास प्राधिकरणों की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में किए जा रहे विस्तार के दौरान किसानों के अधिकारों और कब्जाधारी भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह भी किया गया। इस मौके पर जिला मंत्री हरीश पचार, जिला कोषाध्यक्ष रामेश्वर सुथार, पीलीबंगा तहसील अध्यक्ष सुरेंद्र सींवर, गोलूवाला तहसील मंत्री मुकेश गोदारा, अरविंद गोदारा तथा पक्कासारणा ग्राम इकाई अध्यक्ष सुभाष खीचड़ मौजूद रहे।
