– रूपनगर से कब्रिस्तान तक निकला जुलूस, हजरत इमाम हसन-हुसैन की शहादत को किया याद
हनुमानगढ़। मोहर्रम के अवसर पर शुक्रवार को टाउन क्षेत्र में अकीदत और श्रद्धा के साथ ताजियों का जुलूस निकाला गया। मोहल्ला कमेटी की ओर से आयोजित यह जुलूस वार्ड नंबर 38 स्थित रूपनगर से शुरू होकर शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए कब्रिस्तान पहुंचकर संपन्न हुआ। जुलूस में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर हजरत इमाम हसन और इमाम हुसैन की शहादत को याद किया। मोहल्ला कमेटी के तनवीर इलाही ने बताया कि मोहर्रम हजरत इमाम हसन और इमाम हुसैन की कुर्बानी और सत्य के लिए दिए गए बलिदान की याद का पर्व है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया और सत्य के मार्ग पर अडिग रहे। उनकी शहादत आज भी लोगों को अन्याय के खिलाफ डटकर खड़े रहने की प्रेरणा देती है।

उन्होंने कहा कि मोहर्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी को इस इतिहास और कुर्बानी से परिचित कराना है। साथ ही उन्होंने हनुमानगढ़ की सांप्रदायिक सौहार्द्र की परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि यहां हिंदू और मुस्लिम सभी त्योहार मिल-जुलकर मनाते हैं। मोहर्रम के अवसर पर भी विभिन्न स्थानों पर दोनों समुदायों के लोग मिलकर छबील लगाते हैं और श्रद्धालुओं की सेवा करते हैं। यूनुस खान ने बताया कि वर्ष 2014 से ताजिए तैयार किए जा रहे हैं। ताजिया निर्माण के लिए आवश्यक सामग्री बीकानेर से मंगवाई जाती है। श्रद्धालुओं की मान्यता के अनुसार ऑर्डर पर ताजिए तैयार किए जाते हैं। इसके लिए कोई मेहनताना नहीं लिया जाता, केवल निर्माण में आने वाला वास्तविक खर्च लिया जाता है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष श्रीगंगानगर जिले के लिए भी 11 ताजिए तैयार किए गए हैं। गत्ता, कागज, लाइटें और अन्य सामग्री से तैयार होने वाले एक ताजिए को बनाने में लगभग एक माह का समय लगता है।
