हनुमानगढ़। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) तहसील कमेटी की ओर से शुक्रवार से राष्ट्रपति के नाम पोस्टकार्ड अभियान की शुरुआत की गई। अभियान के माध्यम से राष्ट्रपति से लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों पर प्रभावी रोक लगाने, नई शिक्षा नीति (एनईपी) को वापस लेने तथा दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर हुए पुलिस लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई। इस मौके पर पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष महेन्द्र शर्मा ने कहा कि देशभर के विद्यार्थी लगातार पेपर लीक, शिक्षा के बढ़ते निजीकरण और नई शिक्षा नीति के कारण परेशान हैं। सरकार युवाओं की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर पुलिस की ओर से किया गया लाठीचार्ज बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इसमें घायल हुए विद्यार्थियों को न्याय मिलना चाहिए तथा दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। एसएफआई जिला उपाध्यक्ष मोहित कुमार ने कहा कि युवाओं का भविष्य सुरक्षित करना सरकार की जिम्मेदारी है। बार-बार हो रहे पेपर लीक से लाखों छात्र-छात्राओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। एसएफआई राष्ट्रपति से मांग करती है कि पेपर लीक पर प्रभावी रोक लगाने के लिए कठोर कदम उठाए जाएं, नई शिक्षा नीति को वापस लिया जाए तथा छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यदि छात्र-छात्राओं की मांगों की अनदेखी जारी रही तो एसएफआई आंदोलन को और व्यापक करेगी। इस मौके पर दिव्या, सपना, अमनवीर कौर, रमणदीप कौर, ध्रुव कुमार, मनीष कुमार, विजय सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
