– सेक्टर 11बी के लोगों का आरोप-होटल और पीछे खाली पड़ी जगह में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा
हनुमानगढ़। जंक्शन के सेक्टर-11बी में लंबे समय से बंद पड़ा आरटीडीसी होटल आसपास के निवासियों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि होटल भवन और उसके पीछे खाली पड़ी जगह में सुबह-शाम नशेड़ी एवं असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है। इससे क्षेत्र में भय का माहौल है और रात के समय लोगों का वहां से निकलना मुश्किल हो गया है। सेक्टर-11बी निवासी धनराज जांगिड़ ने बताया कि बंद पड़े होटल और उसके पीछे की खाली जगह में अक्सर नशेड़ी बैठे रहते हैं। उनके अनुसार यहां आए दिन उपद्रव की स्थिति बनी रहती है। रात में इस रास्ते से गुजरना लोगों के लिए सुरक्षित नहीं लगता। उन्होंने कहा कि रात नौ बजे के बाद यहां से निकलने में लोग डरते हैं, जबकि बच्चे और महिलाएं दिन के समय भी इस रास्ते से गुजरने से बचते हैं। धनराज जांगिड़ के अनुसार होटल भवन के सामने खाली पड़े परिसर में बारिश के दौरान पानी भर जाता है। कई दिनों तक पानी की निकासी नहीं होने से उसमें से दुर्गंध उठने लगती है और आसपास गंदगी का माहौल बना रहता है। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों की ओर से कई बार नगर परिषद अधिकारियों को लिखित रूप से समस्या से अवगत करवाया गया, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि होटल परिसर की जमीन पर कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ समय पहले पुलिस ने होटल परिसर में नशा कर रहे कुछ लोगों को पकड़ा भी था। इसके बावजूद होटल भवन और परिसर खुला पड़ा है, जिससे समस्या लगातार बनी हुई है। धनराज जांगिड़ ने प्रशासन से मांग की कि आरटीडीसी होटल और उसके पीछे खाली पड़ी जमीन के चारों ओर दीवार या तारबंदी कर परिसर को सुरक्षित किया जाए। यदि होटल का संचालन संभव नहीं है तो भवन को बंद कर इस भूमि का किसी अन्य जनहित उपयोग में इस्तेमाल किया जाए। सेक्टर-11बी निवासी और पंजाब नेशनल बैंक से सेवानिवृत्त रामप्रताप भरनावा ने बताया कि वे करीब 35 वर्षांे से इस क्षेत्र में रह रहे हैं। उनके अनुसार लंबे समय से होटल बंद होने के कारण यहां नशेड़ी प्रवृत्ति के लोगों का जमावड़ा बढ़ गया है। उन्होंने मांग की कि यदि होटल उपयोग के लायक है तो इसे दोबारा शुरू किया जाए और यदि भवन पूरी तरह अनुपयोगी हो चुका है तो इसे खंडहर घोषित कर जमींदोज किया जाए, ताकि आसपास के लोगों को परेशानी से राहत मिल सके। रामप्रताप भरनावा ने आरोप लगाया कि होटल परिसर में आने वाले नशेड़ी प्रवृत्ति के लोगों को आसपास रेहड़ी लगाने वाले कुछ लोगों की ओर से नशा उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने इस आरोप की जांच कराने और होटल के आसपास सड़क पर लगने वाले ठेले हटाने की भी मांग की। स्थानीय निवासियों का कहना है कि आरटीडीसी की यह संपत्ति वर्षांे से बंद होने के कारण धीरे-धीरे समस्या का केन्द्र बनती जा रही है। उनका कहना है कि प्रशासन को केवल शिकायतों तक सीमित न रहकर होटल परिसर की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण कर अतिक्रमण, नशेड़ियों के जमावड़े, जलभराव और गंदगी की समस्याओं का स्थायी समाधान करना चाहिए।
