- पूर्व कांग्रेस पार्षद इस बार निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में, पति अशोक गौरी के नेतृत्व में तेज हुआ जनसंपर्क अभियान
हनुमानगढ़। नगर परिषद चुनाव को लेकर वार्ड नंबर 52 में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। नगर परिषद के पूर्व बोर्ड में कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में जीतकर पार्षद चुनी गईं भगवानी देवी गौरी इस बार निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरी हैं। उनके पति अशोक गौरी के नेतृत्व में समर्थकों ने वार्ड में जनसंपर्क और प्रचार अभियान तेज कर दिया है। अशोक गौरी ने बताया कि उनकी पत्नी भगवानी गौरी पूर्व में वार्ड 52 से कांग्रेस की पार्षद रह चुकी हैं।

उनके कार्यकाल में वार्ड में अभूतपूर्व विकास कार्य करवाए गए। उन्होंने दावा किया कि वार्ड की ऐसी कोई गली नहीं बची, जहां नाली और सड़क निर्माण का कार्य नहीं हुआ हो। उन्होंने कहा कि वार्ड की अधिकांश गलियों में आरसीसी सड़कों का निर्माण करवाया गया। इसके अलावा लाइटिंग, पेयजल, पार्क और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी लगातार काम किया गया। पहले कम वोल्टेज के कारण बिजली आपूर्ति में परेशानी रहती थी, लेकिन अब वार्ड के विभिन्न हिस्सों में ट्रांसफार्मर स्थापित हो चुके हैं, जिससे बिजली व्यवस्था में सुधार हुआ है।
‘जो कमी रह गई, उसे भी पूरा करेंगे’
अशोक गौरी ने कहा कि विकास कार्यों के बावजूद यदि वार्ड में कोई कमी रह गई है तो उसे भी प्राथमिकता से पूरा किया जाएगा। इसके लिए उन्हें वार्डवासियों के आशीर्वाद और समर्थन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भगवानी गौरी ने अपने कार्यकाल में जनता के बीच रहकर काम किया और वार्ड की समस्याओं को नगर परिषद तक पहुंचाया। उन्होंने वार्डवासियों से अपील की कि वे अब तक हुए विकास कार्यों के आधार पर मतदान का निर्णय लें। उन्होंने कहा कि गौरी परिवार हमेशा वार्डवासियों की समस्याओं के साथ खड़ा रहा है और आगे भी जनता की सेवा के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
टिकट को लेकर विधायक पर लगाए गंभीर आरोप
अशोक गौरी ने बताया कि पिछला चुनाव भगवानी गौरी ने कांग्रेस के चुनाव चिह्न पर लड़ा था। उस समय पूर्व मंत्री चौधरी विनोद कुमार के कहने पर वे तत्कालीन सभापति गणेश राज बंसल के साथ रहे। बाद में गणेश राज बंसल निर्दलीय विधायक चुने गए और कांग्रेस से अलग हो गए। उन्होंने दावा किया कि इस बार उन्होंने विधायक गणेश राज बंसल से मुलाकात कर उनकी टीम के निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी। अशोक गौरी के अनुसार, विधायक ने उनसे कहा कि उनके पास वोट तो हैं, लेकिन चुनाव लड़ने के लिए पर्याप्त धन नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी कारण उन्हें टिकट देने से इनकार कर दिया गया। इसके बाद अशोक गौरी ने विधायक का साथ छोड़कर अपनी पत्नी भगवानी गौरी को निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतारने का निर्णय लिया।
‘बाहरी प्रत्याशियों के बजाय काम के आधार पर करें फैसला’
अशोक गौरी ने आरोप लगाया कि भाजपा, कांग्रेस और अन्य निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव के समय ही वार्ड में नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रत्याशियों ने पहले कभी वार्डवासियों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं उठाया। उन्होंने विरोधियों पर पैराशूट प्रत्याशी उतारने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता को ऐसे प्रत्याशियों के बजाय उस व्यक्ति को चुनना चाहिए, जो लगातार वार्ड में मौजूद रहा हो। उन्होंने कहा कि भगवानी गौरी ने अपने कार्यकाल में वार्ड की गलियों, नालियों, सड़कों, बिजली, पानी और पार्कों से जुड़ी समस्याओं पर काम किया। अब वार्डवासी विकास कार्यों और जनसेवा के आधार पर अपना निर्णय लें।
समर्थकों ने घर-घर जनसंपर्क का लिया संकल्प
भगवानी गौरी के समर्थन में कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने वार्ड में घर-घर जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया है। समर्थक मतदाताओं से संवाद कर पूर्व कार्यकाल में हुए विकास कार्यों की जानकारी दे रहे हैं और निर्दलीय प्रत्याशी के पक्ष में मतदान की अपील कर रहे हैं। चुनावी माहौल के बीच वार्ड 52 में मुकाबला रोचक होने के आसार हैं।
