– तेजाब व केमिकल से ट्रेन धुलवाने का आरोप, रेल मंत्री और डीआरएम से कार्रवाई की मांग
हनुमानगढ़। जंक्शन स्थित चूना फाटक के पास बनी रेलवे वाशिंग लाइन में कार्यरत रहे दो कर्मचारियों ने उन्हें बिना कारण कार्य से हटाने का आरोप लगाया है। कर्मचारियों का दावा है कि उन्हें न तो तय वेतन मिला और न ही समय पर पीएफ की सुविधा उपलब्ध कराई गई। साथ ही उन्होंने कार्य के दौरान तेजाब और अन्य रासायनिक पदार्थों से ट्रेन धुलवाने का भी आरोप लगाया है। एक कर्मचारी ने बताया कि उसने 22 अगस्त 2025 से चूना फाटक स्थित वाशिंग लाइन में ट्रेनों की धुलाई का कार्य शुरू किया था। इससे पहले वह 6-7 वर्षों तक नगर परिषद में कार्यरत रहा। उसका आरोप है कि वाशिंग लाइन में नियुक्ति के समय 12 हजार रुपये मासिक वेतन देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन शुरुआती दो-तीन माह तक केवल 10,800 रुपये प्रतिमाह का भुगतान किया गया।

इसके बाद नवंबर 2025 में वेतन घटाकर 8 हजार रुपये कर दिया गया। कर्मचारी के अनुसार, बाद में दो ट्रेनों की धुलाई के लिए 16 हजार रुपये देने की बात कही गई, लेकिन शुरुआत में केवल 12 हजार रुपये दिए गए। शेष 4 हजार रुपये बाद में अलग-अलग समय पर मिले। बाद में 10,800 रुपये मासिक वेतन पर सहमति बनी। कर्मचारी ने आरोप लगाया कि जनवरी 2026 से पहले का पीएफ जमा नहीं कराया गया।

उनका कहना है कि पीएफ की मांग करने पर अधिकारियों द्वारा काम से हटाने की धमकियां दी जाती थीं। विरोध के बाद जनवरी 2026 से पीएफ की सुविधा शुरू की गई, लेकिन पूर्व अवधि का पीएफ अब तक नहीं मिला। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनसे तेजाब और अन्य रासायनिक पदार्थों से ट्रेनों की धुलाई करवाई जाती थी, जिससे हाथ जल जाते थे तथा आंखों और मुंह में जलन होती थी। बाद में उपयोग में लाए गए अन्य केमिकल से भी हाथों में सूजन आने लगी।

उनका दावा है कि इस संबंध में अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। कर्मचारी का आरोप है कि तेजाब से ट्रेन धोने से मना करने पर उसे कार्य से हटा दिया गया। कर्मचारियों ने रेल मंत्री तथा डीआरएम से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने, बकाया पीएफ का भुगतान कराने तथा श्रमिकों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

