- जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव ने प्रमुख मार्गों पर पदयात्रियों की सुरक्षा के लिए दिए निर्देश, किसानों को पारदर्शी तरीके से खाद वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश
हनुमानगढ़। जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में विभागीय साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में जनकल्याणकारी योजनाओं, फ्लैगशिप कार्यक्रमों, सड़क सुरक्षा, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और संपर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण की प्रगति की समीक्षा की गई। जिला कलक्टर ने संबंधित विभागों को निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और आमजन को राहत देने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में पल्लू क्षेत्र और सालासर बालाजी जाने वाले पदयात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष चर्चा हुई। नोहर-साहवा, रावतसर-भादरा और भादरा सहित जिले के सात प्रमुख मार्गों पर पदयात्रियों को बैग पर रिफ्लेक्टर टेप लगाने, चमकदार कपड़े पहनने और रात के समय टॉर्च का उपयोग करने के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए गए। साथ ही हाईवे पर सफेद लाइन अंकन, प्राथमिक उपचार किट, ऑडियो एडवाइजरी, इंटरसेप्टर वाहनों में स्पीड गन और ब्रीथ एनालाइजर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स के सुधार, एम्बुलेंस की व्यवस्था और संबंधित एजेंसियों द्वारा सड़कों की समयबद्ध मरम्मत पर भी जोर दिया गया। पेयजल और जल संरक्षण कार्यों की समीक्षा करते हुए जिला परिषद मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुश्री श्रद्धा गोमे ने पेयजल विभाग को सैंपलिंग के निर्धारित लक्ष्य पूरे करने और फेंसिंग रिपोर्ट भिजवाने के निर्देश दिए। जल संचय अभियान के तहत निर्धारित लक्ष्यों की समीक्षा कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग को जेएसएसवाई रिपोर्ट, मोबाइल मेडिकल वैन संचालन और नियमित टीकाकरण की प्रगति में सुधार करने के निर्देश दिए गए। साथ ही स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की आंखों की जांच करवाकर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। शिक्षा विभाग को स्कूलों के जर्जर भवनों का चिह्नीकरण कर उनकी स्थिति सुधारने तथा विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए नशामुक्ति अभियान प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। कृषि विभाग को जिले में यूरिया और डीएपी का न्यायसंगत एवं पारदर्शी वितरण सुनिश्चित करने के लिए टोकन प्रणाली लागू करने तथा किसानों को बिना परेशानी उर्वरक उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। बैठक में पौधारोपण के निर्धारित लक्ष्य पूरे करने, निराश्रित पशुओं के प्रबंधन और सिंगल यूज पॉलिथीन पर रोक लगाने के लिए जन-जागरूकता के साथ सघन जांच अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए। ‘कर्मभूमि-मातृभूमि’ और ‘जल संचय’ अभियानों की समीक्षा करते हुए शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने पर जोर दिया गया। संपर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि संतुष्टिप्रद श्रेणी के मामलों में संबंधित अधिकारी स्वयं शिकायतकर्ता से फोन पर बात कर फीडबैक लेंगे। अन्य मामलों में स्पष्ट डिस्पोजल टिप्पणी दर्ज कर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। बैठक में परिवहन, कृषि, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
