हनुमानगढ़/श्रीगंगानगर। जिले में राजस्थान अरबन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के एईएन और भाजपा विधायक जयदीप बिहाणी के बीच विवाद ने गंभीर रूप ले लिया है। शुक्रवार को एईएन जगनलाल बैरवा ने विधायक और उनके समर्थकों पर मारपीट के गंभीर आरोप लगाए, जबकि विधायक पहले ही अधिकारियों पर हमला करने का आरोप लगा चुके हैं। मामले में पुलिस कार्रवाई के बाद अब दोनों पक्ष आमने-सामने हैं। जमानत मिलने के बाद एईएन जगनलाल बैरवा, एलएंडटी के मैनेजर शहनवाज हसन और इंजीनियर सोहम परमार ने जिला परिषद में मीडिया से बातचीत की। इस दौरान बैरवा फटी बनियान में पहुंचे और अपनी चोटें दिखाते हुए कहा कि उन्हें बुरी तरह पीटा गया। बैरवा का आरोप है कि उन्हें विधायक सेवा केंद्र पर बुलाकर पहले थप्पड़ मारे गए, फिर समर्थकों ने जमीन पर पटककर लातों और पाइप से हमला किया। उन्होंने यह भी दावा किया कि पुलिस को सौंपने से पहले उन्हें नई शर्ट पहनाई गई, ताकि मारपीट के सबूत छिपाए जा सकें। बैरवा ने बताया कि गुरुवार सुबह उन्हें एक्सईएन मोनिंद्रजीत सिंह और एईएन कृष्ण धारीवाल के माध्यम से एसडी बिहाणी कॉलेज स्थित विधायक सेवा केंद्र में बुलाया गया था।

करीब 11:30 बजे विधायक के फोन से कॉल कर जल्द पहुंचने को कहा गया। जैसे ही वे अपने सहयोगियों के साथ वहां पहुंचे और विधायक से मिलने की कोशिश की, कथित तौर पर हमला शुरू हो गया। एईएन के अनुसार, इस हमले में उनकी एक आंख की रोशनी प्रभावित हुई है और बाएं पैर का अंगूठा भी टूट गया है। उन्होंने विधायक और उनके समर्थकों के खिलाफ मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। इधर, राजस्थान काउंसिल ऑफ डिप्लोमा इंजीनियर्स के प्रदेशाध्यक्ष बलराम जाखड़ ने भी घटना की निंदा करते हुए कहा कि अधिकारियों को मीटिंग के बहाने बुलाकर मारपीट की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना का वीडियो बनने से रोकने के लिए मोबाइल फोन तक जब्त कर लिए गए। जाखड़ ने चेतावनी दी कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो पूरे प्रदेश में कार्य बहिष्कार कर उग्र आंदोलन किया जाएगा। दूसरी ओर, भाजपा विधायक जयदीप बिहाणी ने पहले अधिकारियों पर उनके साथ मारपीट करने का आरोप लगाया था। विधायक के अनुसार, जनसुनवाई के दौरान उनके साथ धक्का-मुक्की हुई, जिसमें उनकी आंख और चेहरे पर चोट आई तथा उनका चश्मा भी टूट गया। विधायक की शिकायत पर जवाहर नगर थाना पुलिस ने एईएन जगनलाल बैरवा, प्रोजेक्ट मैनेजर शहनवाज हसन और एलएंडटी कंपनी के प्लानिंग मैनेजर सोहम परमार को गिरफ्तार किया था। हालांकि, शुक्रवार को तीनों को जमानत मिल गई। फिलहाल, मामला तूल पकड़ता जा रहा है और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आगे की कार्रवाई रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।
