– दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के तीन दिवसीय आयोजन में साध्वी रेनु भारती ने सुनाया नानी बाई का मायरा, भजनों से भक्तिमय हुआ वातावरण
संगरिया। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से संगरिया के ढाबा क्षेत्र स्थित इच्छा पूर्ण बाला जी मंदिर में आयोजित तीन दिवसीय श्री हरि कथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं ने भक्ति रस का आनंद लिया। कथा वाचिका गुरु आशुतोष महाराज की साध्वी शिष्या रेनु भारती ने भक्त नरसी की प्रेरणादायक गाथा का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को प्रभु भक्ति का संदेश दिया। साध्वी रेनु भारती ने कहा कि मनुष्य को सत्य और भक्ति के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ते रहना चाहिए। इस मार्ग में अनेक प्रकार की भ्रांतियां और घबराहटें आती हैं, लेकिन व्यक्ति यदि अपनी नकारात्मक सोच का त्याग कर प्रभु भक्ति में समर्पित हो जाए तो वह असंभव कार्यों को भी संभव बना सकता है। उन्होंने भक्त नरसी के जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने संसारिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए भी ईश्वर भक्ति को सर्वोच्च स्थान दिया। उन्होंने प्रश्न उठाया कि जो स्थिरता और समर्पण पूर्वकाल के भक्तों के जीवन में था, वह आज के जीवन में क्यों नहीं दिखाई देता।

उन्होंने श्रद्धालुओं से जागरूक होकर जीवन के वास्तविक लक्ष्य की ओर अग्रसर होने का आह्वान किया। कथा के दौरान उन्होंने शास्त्रों के प्रसिद्ध मंत्र “उत्तिष्ठत, जाग्रत, प्राप्य वरान्निबोधत” का उल्लेख करते हुए कहा कि मनुष्य को उठकर, जागकर अपने जीवन के परम लक्ष्य अर्थात ईश्वर की प्राप्ति की दिशा में प्रयास करना चाहिए। कथा प्रसंग में उन्होंने श्रद्धालुओं को भावविभोर करते हुए नानी बाई का मायरा भी सुनाया। कार्यक्रम के दौरान साध्वी निशा भारती, साध्वी रजनी भारती एवं साध्वी सविता भारती ने सुमधुर भजनों की प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कथा का समापन प्रभु की पावन आरती के साथ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्म लाभ प्राप्त किया।
