-पेट्रोल-डीजल आपूर्ति में कटौती से डीलर्स में रोष, कंपनियों से लिखित आदेश जारी करने की मांग
हनुमानगढ़। राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने प्रदेश में कार्यरत ऑयल कंपनियों की ओर से पेट्रोल पंपों को डिपो से पेट्रोल-डीजल की कम आपूर्ति किए जाने और उपभोक्ताओं को सीमित मात्रा में ईंधन देने के मौखिक निर्देशों पर चिंता जताई है। एसोसिएशन ने इस संबंध में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक एवं राज्य स्तरीय समन्वयक मनोज गुप्ता को ज्ञापन भेजकर समस्या के समाधान की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया कि प्रदेश में कार्यरत ऑयल कंपनियों ने पेट्रोल पंप डीलर्स को मोबाइल संदेश अथवा मौखिक निर्देश देकर उपभोक्ताओं को सीमित मात्रा में पेट्रोल-डीजल देने के निर्देश दिए हैं। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड की ओर से 50 हजार रुपए तक डीजल और 5 हजार रुपए तक पेट्रोल देने की सीमा तय की गई है। वहीं भारत पेट्रोलियम की ओर से 49 लीटर पेट्रोल और 200 लीटर डीजल तथा हिंदुस्तान पेट्रोलियम की ओर से भी लगभग 50 लीटर पेट्रोल और 200 लीटर डीजल देने के निर्देश दिए गए हैं। एसोसिएशन ने कहा कि यदि कोई डीलर निर्धारित मात्रा से अधिक ईंधन किसी उपभोक्ता को देता है तो संबंधित पेट्रोल पंप की बिक्री बंद की जा रही है, जबकि इस संबंध में केन्द्र सरकार, राज्य सरकार या ऑयल कंपनियों की ओर से कोई लिखित आदेश जारी नहीं किए गए हैं। राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने कहा कि इस व्यवस्था से पेट्रोल पंपों पर कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका बढ़ गई है और जान-माल की हानि की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि यदि ऐसी कोई स्थिति बनती है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित ऑयल कंपनियों की होगी। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत पेट्रोल पंपों पर न्यूनतम स्टॉक बनाए रखना अनिवार्य होता है, लेकिन डिपो से कम आपूर्ति होने के कारण कई पेट्रोल पंप ड्राई होने की स्थिति में पहुंच रहे हैं। इससे डीलर्स के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई का खतरा भी बना हुआ है। एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि ऑयल कंपनियों ने खुले में बैरल आदि में डीजल देने पर भी रोक लगा दी है, जबकि किसान, सरकारी विभाग और सड़क निर्माण कंपनियां लंबे समय से बैरल के माध्यम से डीजल लेती रही हैं। इस विषय में भी किसी प्रकार के स्पष्ट लिखित दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। एसोसिएशन ने मांग की है कि ऑयल कंपनियां इस पूरे मामले का अध्ययन करवाकर स्पष्ट लिखित आदेश जारी करें तथा इसकी जानकारी आमजन तक पहुंचाई जाए, ताकि पेट्रोल पंपों पर किसी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो।
पर्याप्त मात्रा में भेजी जाए सप्लाई
हनुमानगढ़ पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के सचिव विपुल धमीजा ने सरकार से मांग की कि सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त मात्रा में सप्लाई भेजी जाए ताकि उपभोक्ताओं को उनकी आवश्यकता के अनुसार पेट्रोल-डीजल उपलब्ध हो सके। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से गुरुवार को स्पष्ट किया गया है कि देश में 60 दिन का कच्चे तेल का स्टॉक तथा 45 दिन का एलपीजी स्टॉक उपलब्ध है। पेट्रोलियम पदार्थांे और एलपीजी की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि फिलहाल पैनिक और कृषि सीजन के कारण अचानक मांग बढ़ने से यह स्थिति बनी है।
