हनुमानगढ़। राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जिला कार्यालय में नारी शक्ति वंदन बिल को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया। पार्टी नेताओं ने इस मुद्दे पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर तीखा हमला बोलते हुए विधेयक पारित नहीं होने पर नाराजगी जताई। नेताओं ने इसे महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय करार दिया। कार्यक्रम में अनूपगढ़ की पूर्व विधायक संतोष बावरी और भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद डेलू ने कांग्रेस के रुख को निराशाजनक बताते हुए कहा कि महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर विपक्ष की भूमिका सकारात्मक नहीं रही। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा इस विषय पर राजनीति की, जबकि देश की महिलाएं लंबे समय से राजनीति में समान भागीदारी की मांग कर रही हैं। भाजपा नेताओं का कहना था कि यदि नारी शक्ति वंदन बिल संसद में पारित हो जाता, तो लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित होता। इससे राजनीतिक निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी बढ़ती और लोकतंत्र को मजबूती मिलती। प्रमोद डेलू ने कहा कि भाजपा शुरू से ही महिला सशक्तिकरण के पक्ष में रही है और इस दिशा में लगातार प्रयास करती रही है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी ने इस गंभीर मुद्दे पर ठोस कदम उठाने के बजाय केवल बयानबाजी की है। डेलू के अनुसार, महिलाओं को उनका अधिकार देने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति जरूरी है, जो कांग्रेस में दिखाई नहीं देती। इस दौरान संतोष बावरी ने कहा कि महिलाओं का राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाना समय की मांग है। उन्होंने यह भी कहा कि संसद में विधेयक पारित न हो पाने के पीछे कांग्रेस की नकारात्मक भूमिका रही है, जिससे महिलाओं को मिलने वाला उनका अधिकार फिलहाल अधर में लटका हुआ है। कार्यक्रम में मौजूद भाजपा नेताओं ने सामूहिक रूप से यह भी कहा कि महिलाओं के अधिकारों जैसे संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने केंद्र और सभी दलों से अपील की कि इस विधेयक को जल्द से जल्द पारित कर महिलाओं को उनका हक दिया जाए। भाजपा ने इस मुद्दे को लेकर जनजागरण अभियान चलाने की भी घोषणा की। पार्टी नेताओं ने कहा कि वे आम जनता, विशेषकर महिलाओं के बीच जाकर इस बिल के महत्व को समझाएंगे और इसके समर्थन में माहौल तैयार करेंगे। नेताओं ने विश्वास जताया कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से न केवल लोकतंत्र मजबूत होगा, बल्कि नीति निर्माण में भी संतुलन आएगा। उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि आने वाले समय में महिला आरक्षण को लेकर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा और देश की महिलाओं को उनका अधिकार अवश्य मिलेगा। इस अवसर पर भाजपा के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिन्होंने महिला सशक्तिकरण के समर्थन में अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
