– संयुक्त कन्वेंशन में चार लेबर कोड, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और अन्य मुद्दों का विरोध
हनुमानगढ़। अखिल भारतीय किसान सभा, भारतीय ट्रेड यूनियन केन्द्र (सीटू) और अखिल भारतीय ग्रामीण खेत मजदूर यूनियन के तत्वावधान में शुक्रवार को जंक्शन में जिला स्तरीय संयुक्त कन्वेंशन आयोजित किया गया। कन्वेंशन में केन्द्र सरकार की श्रम, कृषि और व्यापार नीतियों पर चर्चा करते हुए चार लेबर कोड, वीबीजीरामजी योजना तथा प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में 10 अगस्त को होने वाले जेल भरो आंदोलन को सफल बनाने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की गई। कन्वेंशन में अखिल भारतीय किसान सभा के प्रांतीय अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक पेमाराम, सीटू के राज्य अध्यक्ष भंवरसिंह शेखावत तथा अखिल भारतीय ग्रामीण खेत मजदूर यूनियन की प्रदेशाध्यक्ष दुर्गा स्वामी ने भाग लिया। वक्ताओं ने आह्वान किया कि 10 अगस्त को ग्रामीण क्षेत्रों, फैक्ट्रियों और खेतों से बड़ी संख्या में किसान, खेत मजदूर और श्रमिक गिरफ्तारियां देकर सरकार के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराएंगे। उनका कहना था कि किसान और मजदूर विरोधी बताए जा रहे कानूनों और नीतियों को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा इनके खिलाफ संघर्ष को और तेज किया जाएगा। कन्वेंशन को संबोधित करते हुए पेमाराम ने आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार बड़े कॉरपोरेट घरानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए ऐसी नीतियां लागू कर रही है, जिनसे किसानों और मजदूरों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि तीन कृषि कानूनों के खिलाफ 13 महीने तक चले देशव्यापी किसान आंदोलन की एकजुटता के कारण केन्द्र सरकार को अंतत: वे कानून वापस लेने पड़े थे। उनका दावा था कि अब फिर उसी प्रकार की नीतियां लागू करने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने चार लेबर कोड का विरोध करते हुए कहा कि मजदूर संगठनों ने वर्षांे के संघर्ष के बाद श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए जो कानून बनवाए थे, उन्हें समाप्त कर नए श्रम कानून लागू किए गए हैं, जिससे श्रमिकों के अधिकार कमजोर होंगे। भारत-अमेरिका प्रस्तावित व्यापार समझौते पर भी उन्होंने केन्द्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि यदि यह समझौता लागू हुआ तो इसका असर देश के किसानों, पशुपालकों और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। उनका आरोप था कि विदेशी कृषि उत्पादों के आयात से तिलहन, सरसों, नारियल सहित अन्य फसलों के उत्पादकों को नुकसान उठाना पड़ सकता है, जबकि भारतीय उत्पादों पर अधिक शुल्क लगने से निर्यात भी प्रभावित होगा। कन्वेंशन में आगामी आंदोलनों की रूपरेखा भी तय की गई। बताया गया कि 19 जुलाई को जयपुर में राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित होगा, जबकि 29 जुलाई को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में राष्ट्रीय सम्मेलन किया जाएगा। इसके बाद गांव-गांव, फैक्ट्रियों और श्रमिक बहुल क्षेत्रों में व्यापक जनसंपर्क कर 10 अगस्त के जेल भरो आंदोलन को सफल बनाया जाएगा। कार्यक्रम में आत्मासिंह, रघुवीर वर्मा, शेरसिंह शाक्य, सुरेन्द्र शर्मा, जगजीत सिंह जग्गी, सर्वजीत कौर, बसंत सिंह सहित बड़ी संख्या में मजदूर और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
