
हनुमानगढ़। अखिल भारतीय किसान सभा की तहसील स्तरीय बैठक शुक्रवार को तहसील संयोजक सुरेन्द्र शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में संगठन की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए तहसील सम्मेलन की तैयारियों पर चर्चा की गई। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 12 जनवरी को किसान सभा का तहसील सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन को सफल बनाने के लिए बैठक में रूपरेखा तय की गई तथा सभी सदस्यों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं। बैठक को संबोधित करते हुए तहसील संयोजक सुरेन्द्र शर्मा ने कहा कि अखिल भारतीय किसान सभा पिछले 25 वर्षांे से किसानों की आवाज बनकर संघर्ष कर रही है। संगठन ने किसानों के हक और अधिकारों के लिए निरंतर आंदोलन किए हैं और हर मंच पर किसानों की समस्याओं को मजबूती से उठाया है। वर्तमान समय में किसानों के सामने कई गंभीर चुनौतियां हैं, ऐसे में संगठन को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से तहसील सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है, ताकि संगठनात्मक ढांचे को सुदृढ़ किया जा सके। सुरेन्द्र शर्मा ने बताया कि सम्मेलन के दौरान नई तहसील कमेटी का गठन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि गांव-गांव में किसान सभा की शाखाओं के सम्मेलन भी आयोजित किए जा रहे हैं। इससे संगठन की जड़ें मजबूत होंगी और अधिक से अधिक किसानों को आंदोलन से जोड़ा जा सकेगा। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से सम्मेलन की तैयारियों में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। तहसील सहसंयोजक ओम स्वामी ने कहा कि किसान सभा हमेशा से किसानों के हितों की रक्षा के लिए संघर्षरत रही है। आज किसान बढ़ती लागत, फसलों के उचित दाम, बिजली-पानी की समस्या और कर्ज के बोझ जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे में किसान सभा का सम्मेलन किसानों को एकजुट करने और उनकी समस्याओं को साझा मंच पर उठाने का महत्वपूर्ण अवसर होगा। उन्होंने कहा कि संगठन के विस्तार के लिए युवाओं और छोटे किसानों को भी सक्रिय रूप से जोड़ा जाएगा। मोहन लोहरा ने कहा कि किसान सभा केवल एक संगठन नहीं, बल्कि किसानों के संघर्षांे की पहचान है। बीते वर्षांे में किसान सभा ने कई आंदोलनों के माध्यम से किसानों की आवाज को सरकार तक पहुंचाया है। आगामी सम्मेलन से संगठन को नई दिशा और नई ऊर्जा मिलेगी। इस मौके पर राजेन्द्र, हरीराम, गुरप्रीत, रणजीत, सुरेन्द्र, सुशील, कृष्ण, रघुवीर मौजूद थे।
