– स्कूल गेट पर लगा मिला ताला, दीवार पर चस्पा किया कुर्की वारंट
हनुमानगढ़। टाउन स्थित श्री नेहरू मेमोरियल चिल्ड्रन सीनियर सेकेंडरी स्कूल से जुड़ी करीब 13.23 लाख रुपए की डिक्री राशि की वसूली को लेकर न्यायालय की ओर से कुर्की की कार्रवाई के आदेश जारी किए गए हैं। शुक्रवार को कुर्की के लिए न्यायालय का अमला स्कूल पहुंचा, लेकिन स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगा मिला। इसके बाद तामीलकर्ता सहायक नाजिर ने न्यायालय की ओर से जारी कुर्की वारंट स्कूल के गेट के पास दीवार पर चस्पा कर दिया। मामला किरण सेतिया पत्नी मोहनलाल सेतिया बनाम प्रबंध समिति, श्री नेहरू मेमोरियल चिल्ड्रन सीनियर सकेंडरी स्कूल से संबंधित है। अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश, हनुमानगढ़ की अदालत की ओर से जारी कुर्की वारंट में डिक्री वसूली का उल्लेख किया गया है। कुर्की वारंट में उल्लेख है कि राजस्थान गैर सरकारी शैक्षिक संस्था अधिकरण, जयपुर के प्रकरण में 24 सितंबर 2012 को आदेश पारित किया गया था। आदेश के अनुसार प्रबंध समिति को किरण सेतिया को 13 लाख 23 हजार 38 रुपए की मूल राशि तथा 24 सितंबर 2018 से भुगतान की तारीख तक 6 प्रतिशत सालाना ब्याज अदा करना था। वारंट में कहा गया है कि निर्धारित राशि का भुगतान नहीं किए जाने के कारण डिक्री की वसूली के लिए कुर्की की कार्रवाई के आदेश दिए गए। मोहनलाल सेतिया ने बताया कि उनकी पत्नी किरण सेतिया का स्कूल प्रबंधन के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा है। इसी विवाद में न्यायालय से डिक्री पारित हुई थी। उन्होंने बताया कि पूर्व में हुई नीलामी की कार्रवाई के दौरान 61 हजार 715 रुपए की वसूली हो चुकी है, जबकि शेष राशि की वसूली अभी बाकी है। न्यायालय की ओर से जारी कुर्की वारंट में भी स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि डिक्रीदार के वकील ने 61 हजार 715 रुपए प्राप्त कर लिए हैं तथा शेष राशि की सीमा तक नियमानुसार कुर्की की जाए।

स्कूल गेट पर ताला, दीवार पर चस्पा किया वारंट
कुर्की वारंट के अनुसार न्यायालय की ओर से सहायक नाजिर को वारंट की तामील के लिए अधिकृत किया गया था। शुक्रवार को जब नाजिर कुर्की की कार्रवाई के लिए स्कूल पहुंचा तो मुख्य गेट पर ताला लगा हुआ था। स्कूल में जिम्मेदार व्यक्ति की मौजूदगी नहीं होने के कारण नाजिर ने कुर्की संबंधी नोटिस/वारंट स्कूल के गेट के पास दीवार पर चस्पा कर दिया। वारंट में न्यायालय ने संबंधित चल संपत्ति को कुर्क करने और डिक्री की राशि अदा होने तक उसे न्यायालय के अधिकार में रखने के निर्देश दिए हैं। वारंट पर न्यायालय की ओर से 6 अगस्त 2026 को जारी किए जाने की तारीख अंकित है तथा इसमें तामील की तारीख 11 अगस्त 2026 या उससे पहले बताने के निर्देश भी दिए गए हैं।

बकाया राशि की वसूली तक कार्रवाई जारी रहने के संकेत
न्यायालय के आदेश में मूल डिक्री राशि के साथ निर्धारित ब्याज और नियमानुसार अन्य देय राशि की वसूली का उल्लेख है। ऐसे में अब शेष डिक्री राशि की वसूली को लेकर आगे की न्यायिक कार्रवाई पर नजर रहेगी। मोहनलाल सेतिया का कहना है कि न्यायालय के आदेश के बावजूद पूरी राशि का भुगतान नहीं हुआ है, जिसके चलते कुर्की की कार्रवाई की स्थिति बनी है। न्यायालय के कुर्की वारंट में दर्ज राशि 13,23,038 रुपए मूल डिक्री राशि है। इसमें 24 सितंबर 2018 से भुगतान की तारीख तक 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी निर्धारित किया गया है, जबकि 61,715 रुपए की राशि पहले ही प्राप्त होने का उल्लेख वारंट में किया गया है।
