– आंधी में गिरे दो बिजली पोल, धान के खेत में पानी के बीच झूल रहे तार- शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप, किसानों ने विभाग को चेताया
हनुमानगढ़। गांव मक्कासर के निकट स्थित चक 2 एसटीजी में पिछले 14 दिनों से खेतों में 11 केवी और 33 केवी विद्युत लाइनें जमीन पर बिछी होने से किसी भी समय बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। 17 जुलाई को आई तेज आंधी और बारिश के दौरान दो बिजली पोल गिरने से दोनों हाई वोल्टेज लाइनें खेतों में झूल रही हैं। कई स्थानों पर तार धान की फसल में भरे पानी के बीच जमीन को छू रहे हैं, जिससे किसानों में दहशत का माहौल है। चक 2 एसटीजी निवासी किसान अजीत सिंह ने बताया कि आंधी के कारण 33 केवी लाइन के दो पोल गिर गए थे। घटना की सूचना उसी दिन जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के सहायक अभियंता को दी गई, लेकिन उन्होंने एक्सईएन से संपर्क करने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। इसके बाद टोल फ्री नंबर पर भी शिकायत दर्ज करवाई गई, लेकिन आज तक न तो कोई अधिकारी मौके पर पहुंचा और न ही शिकायत पर कोई कार्रवाई की गई। अजीत सिंह ने बताया कि गिरे हुए पोलों से 11 केवी और 33 केवी की दो लाइनें क्रॉस होती हैं। पोल गिरने के बाद दोनों लाइनों के तार खेतों में झूल रहे हैं, जिससे खेत में काम करना जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है।

करंट लगने के डर से वे अपनी कृषि भूमि की जुताई नहीं कर पा रहे हैं, जबकि दूसरी ओर धान की रोपाई वाले खेत में भी उर्वरक डालने सहित अन्य कृषि कार्य ठप पड़े हैं। उन्होंने बताया कि बुधवार को दोबारा सहायक अभियंता से संपर्क किया गया तो जवाब मिला कि विभाग के पास फिलहाल पोल उपलब्ध नहीं हैं और पोल आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। किसानों का आरोप है कि विभाग की इस लापरवाही के कारण उनकी खेती प्रभावित हो रही है और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। किसान ने विद्युत विभाग से मांग की है कि जब तक नए पोल नहीं लगाए जाते, तब तक कम से कम झूल रही विद्युत लाइनों को सुरक्षित स्थान पर हटाया जाए ताकि खेतों में कृषि कार्य शुरू हो सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विभाग की लापरवाही के कारण कोई जनहानि होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी। किसानों ने मामले में शीघ्र कार्रवाई कर समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।
