– सरकारी विद्यालयों में बुधवार को भी आयोजित हुए जागरूकता अभियान
हनुमानगढ़। जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव के निर्देशन में जिले में शुक्रवार 24 अप्रेल को एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान आयोजित किया जाएगा। अभियान को सफल बनाने के लिए व्यापक जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इस क्रम में बुधवार को भी सरकारी विद्यालयों में बच्चियों को एचपीवी वैक्सीन के संबंध में जागरूक किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा आमजन से अपील की कि जिला प्रशासन एवं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग हनुमानगढ़ द्वारा शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026 को जिले में एचपीवी टीकाकरण का विशेष अभियान आयोजित किया जाएगा। इस अभियान के तहत बच्चियों को नजदीकी जिला अस्पताल, उपजिला अस्पताल एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर नि:शुल्क टीकाकरण किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि अभियान के तहत 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों का टीकाकरण किया जाएगा। टीकाकरण के लिए आधार कार्ड, स्कूल आईडी या अंकतालिका में से कोई एक आयु प्रमाण के रूप में लाना आवश्यक है। जिनके पास दस्तावेज नहीं हैं, उनके लिए अभिभावक/संरक्षक द्वारा सहमति पत्र देकर आयु प्रमाणित किया जा सकेगा, जिसे यूविन पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर गर्भाशय के निचले हिस्से, जिसे सर्विक्स कहा जाता है, में विकसित होने वाला कैंसर है। इसके लगभग 99.7 प्रतिशत मामलों का प्रमुख कारण हाई-रिस्क एचपीवी संक्रमण होता है। एचपीवी प्रजनन मार्ग का एक सामान्य वायरल संक्रमण है, जिसकी प्रमुख प्रजातियां 6, 11, 16 एवं 18 हैं। भारत में महिलाओं के बीच यह दूसरा सबसे आम कैंसर है।

उन्होंने बताया कि टीकाकरण अभियान के सफल संचालन के लिए माइक्रोप्लान तैयार कर लिया गया है, जो सभी स्वास्थ्य केन्द्रों एवं विद्यालयों में उपलब्ध है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से किशोरियों एवं उनके अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें टीकाकरण के दिन, समय एवं स्थान की जानकारी दे रही हैं। डॉ. शर्मा ने निर्देश दिए हैं कि किशोरियां टीकाकरण के लिए खाली पेट न आएं और नाश्ता कर के ही उपस्थित हों। उन्होंने कहा कि विद्यालय प्रबंधन ध्यान रखें कि किसी भी बच्ची का खाली पेट टीकाकरण ना हो। उन्होंने अभिभावकों तथा आमजन से अपील की है कि वे अपनी बेटियों को समय पर टीकाकरण हेतु प्रेरित करें, ताकि उन्हें सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखा जा सके।
