हनुमानगढ़। कृषि भूमि की काश्त, हिस्सेदारी की फसल और रुपए के लेन-देन को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। अदालत न्यायिक मजिस्ट्रेट पीलीबंगा के आदेश पर गोलूवाला थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार न्यायिक मजिस्ट्रेट पीलीबंगा से प्राप्त इस्तगासे के आधार पर मामला दर्ज किया गया। परिवादी हंसराज (49) पुत्र बनवारीलाल निवासी चक 35 एमओडी तहसील पीलीबंगा की ओर से प्रस्तुत परिवाद पत्र में बताया गया कि हंसराज ने वर्ष 2020 में राजेन्द्र पुत्र रामप्रताप निवासी चक 34 एमओडी की कृषि भूमि तीसरे हिस्से पर बुआई के लिए ली थी और तब से वह भूमि की काश्त कर रहा था। दोनों के बीच रुपए का लेन-देन भी चलता था तथा 1 मार्च 2021 को राजेन्द्र ने उससे 3 लाख रुपए नगद उधार लिए थे। परिवादी ने आरोप लगाया कि वर्ष 2023 में उसने करीब 25 बीघा भूमि में नरमा की फसल की काश्त की थी। फसल तैयार होने के बाद उसके हिस्से के करीब 40 क्विंटल नरमा को बेहतर भाव आने तक राजेन्द्र के पास छोड़ दिया गया। बाद में जब उसने अपनी फसल मांगी तो आरोपी टालमटोल करता रहा और बाद में पता चला कि नरमा बेच दिया गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि करीब एक माह पूर्व पंचायत में मामला उठाया गया, जहां आरोपी से 40 क्विंटल नरमा अथवा उसकी राशि और 3 लाख रुपए लौटाने की बात कही गई, लेकिन उसने भुगतान से इनकार कर दिया। इस्तगासे के अवलोकन के बाद पुलिस ने बीएनएस की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच कैंचियां चौकी प्रभारी एसआई लाल बहादुरचन्द्र को सौंपी है।
