हनुमानगढ़। 40 लाख रुपए की अमानत राशि हड़पने, फर्जी लेखा प्रविष्टियां करने और धोखाधड़ी करने के आरोप में अदालत के आदेश पर गोलूवाला पुलिस थाना में मामला दर्ज किया गया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट पीलीबंगा के समक्ष प्रस्तुत इस्तगासे के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार गांव मोरजंडा खारी हाल वार्ड नम्बर 2, गोलूवाला निवासी 26 वर्षीय सुनील सहारण पुत्र रूघवीर सिंह जाट ने अदालत में परिवाद पेश कर सुभाष छिम्पा, अमित कुमार पुत्र ताराचंद और सुमित कुमार पुत्र ताराचंद निवासी गोलूवाला के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। तीनों आरोपी गोलूवाला स्थित एक कमिशन एजेंट फर्म के साझेदार बताए गए हैं। इस्तगासे में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2019 में पिता की मृत्यु के बाद सुनील सहारण ने अपनी कृषि भूमि और अन्य संपत्ति विक्रय की थी। भूमि विक्रय से प्राप्त राशि विभिन्न आढ़तियों के पास अमानत के रूप में जमा थी। आरोप है कि सुभाष छिम्पा ने विश्वास में लेकर उक्त राशि अपनी फर्म में जमा करवाने तथा उसे कई गुना बढ़ाकर लौटाने का आश्वासन दिया। परिवादी का कहना है कि भूमि विक्रय से प्राप्त करीब 35 लाख रुपए तथा बाद में प्लॉट विक्रय से प्राप्त 5 लाख रुपए सहित कुल 40 लाख रुपए आरोपियों ने अमानत के रूप में प्राप्त कर लिए। आरोप है कि बाद में फर्म के बही-खातों में गलत और भ्रामक प्रविष्टियां कर राशि का हिसाब-किताब बदल दिया गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपियों ने परिवादी के बैंक खाते से संबंधित दस्तावेज और हस्ताक्षरित चेक अपने पास रखे तथा फसल बिक्री से मिलने वाली राशि भी विभिन्न तरीकों से अपने कब्जे में लेते रहे। परिवादी का आरोप है कि उसे लंबे समय तक आरोपियों पर विश्वास था, जिसके कारण उसे कथित अनियमितताओं की जानकारी नहीं हो सकी। अदालत से प्राप्त इस्तगासे में लगाए गए आरोपों के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने तथा आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में प्रस्तुत दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड, लेखा-बही और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच एएसआई श्रीभगवान कर रहे हैं।
