
हनुमानगढ़। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के मौके पर शुक्रवार को टिब्बी नगर के स्वयंसेवकों की ओर से नवीन घोष (पथ संचलन में प्रयुक्त वाद्य यंत्रों) का शुभारंभ किया गया। संघ स्वयंसेवकों के अनुसार घोष केवल वाद्य नहीं, बल्कि संघ के अनुशासन, एकरूपता, शौर्य और संगठनात्मक चेतना का प्रतीक है। पथ संचलन के माध्यम से समाज में राष्ट्रभक्ति, संस्कार और सामाजिक समरसता का संदेश पहुंचाने में घोष की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। शताब्दी वर्ष में पूर्ण घोष सामग्री का नवीन आगमन, स्वयंसेवकों की सक्रियता, प्रतिबद्धता और संघ कार्य के प्रति समर्पण का सशक्त उदाहरण है। यह प्रयास आने वाले समय में संघ कार्य को और अधिक प्रभावशाली तथा संगठित बनाएगा।
