हनुमानगढ़। एक ओर जहां शहर की सुदूर बस्तियों में लोग शुद्ध पेयजल के लिए तरस रहे हैं, वहीं दूसरी ओर लाखों लीटर पानी का दुरुपयोग हो रहा है। शहर के कई इलाकों में पानी की भारी बर्बादी देखने को मिल रही है, जहां पाइपलाइन और टंकियों से बहकर पानी सीधे नालियों में जा रहा है। इससे न केवल जल संसाधनों की हानि हो रही है, बल्कि जल प्रबंधन व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित विभाग के अभियंता क्या केवल कार्यालय में बैठकर बिल बनाने तक ही सीमित हैं, या फिर वे मौके पर जाकर निर्माण कार्यों का निरीक्षण भी करते हैं। नागरिकों का आरोप है कि यदि समय-समय पर स्थल निरीक्षण किया जाए और निर्माण कार्यों की सही तरीके से निगरानी हो, तो पानी की इस तरह की बर्बादी को रोका जा सकता है। गौरतलब है कि वार्ड नंबर 54 जंक्शन स्थित वाटर बॉक्स ट्यूबवेल पर हाल ही में अंडरग्राउंड वॉटर स्टोरेज टैंक का निर्माण किया गया है। लेकिन निर्माण के बाद भी पानी के प्रबंधन को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने और जल संरक्षण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
