
हनुमानगढ़। राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन के बैनर तले नर्सिंग कर्मियों का मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (स्वास्थ्य भवन) कार्यालय परिसर में चल रहा धरना-प्रदर्शन शनिवार को चौथे दिन वार्ता के बाद समाप्त हो गया। चौथे दिन एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल की सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा से वार्ता हुई। इसमें प्रमुख मांगों पर सहमति बनने के बाद आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की गई। धरने का नेतृत्व कर रहे एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष गुगनराम सहारण ने बताया कि 22 दिसम्बर को जारी कार्यव्यवस्था आदेश को लेकर नर्सिंग स्टाफ में गहरा असंतोष था। इसी आदेश के विरोध में संगठन ने शांतिपूर्ण धरना शुरू किया था। चौथे दिन हुई वार्ता में प्रशासन ने संगठन की आपत्तियों को सुना और विवादित आदेश को रद्द करने पर सहमति दी। आदेश रद्द होने के बाद नर्सिंग कार्मिकों ने राहत की सांस ली।

वार्ता के दौरान एक अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे पर भी सहमति बनी। एसोसिएशन की मांग के अनुरूप यह तय किया गया कि एनसीडी क्लिनिक के पोर्टल पर निदान एवं उपचार संबंधी कार्य मेडिकल ऑफिसर (एमओ) की ओर से ही किए जाएंगे। इस संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश लागू करने पर भी सहमति बनी, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का भ्रम या मनमानी न हो। सहारण ने कहा कि कार्य विभाजन स्पष्ट होने से नर्सिंग स्टाफ और चिकित्सा अधिकारियों के बीच समन्वय बेहतर होगा और मरीजों को भी सुचारू सेवाएं मिलेंगी। जिलाध्यक्ष गुगनराम सहारण ने कहा कि नर्सिंग स्टाफ स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ है और उनके सम्मान व अधिकारों की रक्षा संगठन की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि यदि समय रहते संवाद हो जाए तो आंदोलन की नौबत नहीं आती। प्रशासन की ओर से सकारात्मक रुख अपनाने से यह स्पष्ट हुआ कि वार्ता के माध्यम से समस्याओं का समाधान संभव है।
