रावतसर। सीकर इंटरनेशनल स्कूल (बाल नवजीवन उच्च माध्यमिक विद्यालय) में बुधवार को आयोजित विज्ञान प्रोजेक्ट मेले ने शिक्षा को प्रयोगात्मक रूप में जीवंत कर दिया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस मेले में करीब 100 से अधिक विज्ञान प्रोजेक्ट्स प्रदर्शित किए गए, जिन्हें विद्यार्थियों ने अपनी मेहनत, जिज्ञासा और नवाचार के साथ तैयार किया। मेले में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत प्रोजेक्ट्स ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। विद्यार्थियों ने सौर ऊर्जा प्लांट, सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, अंतरिक्ष विज्ञान में भारत की प्रगति, वर्षा जल संचयन और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने मॉडल प्रस्तुत किए। प्रत्येक प्रोजेक्ट में वैज्ञानिक सोच के साथ-साथ सामाजिक सरोकार और भविष्य की दिशा भी स्पष्ट रूप से दिखाई दी। कार्यक्रम में निर्णायक मंडल के रूप में इंजीनियर कृष्णा पाटोदिया (सरपंच, कनवानी) और वायु सेवा अधिकारी भीम सिंह कलवानिया सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों के सभी प्रोजेक्ट्स का बारीकी से अवलोकन किया और उनकी कल्पनाशीलता, मेहनत तथा प्रस्तुति की सराहना की। इस अवसर पर सरपंच कृष्णा पाटोदिया ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार की भावना को विकसित करते हैं। वहीं संस्था सचिव दयाराम चबरवाल ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि “विज्ञान केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सोचने, समझने और नए समाधान खोजने की कला है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रतिभा को मंच प्रदान करते हैं और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम आधारित शिक्षा देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान और आत्मविश्वास से सशक्त बनाना भी है। पूरे विद्यालय परिसर में विज्ञान मेले को लेकर उत्साह का माहौल देखने को मिला। अभिभावकों और अन्य आगंतुकों ने भी विद्यार्थियों के प्रोजेक्ट्स का अवलोकन कर उनकी सराहना की। यह आयोजन केवल एक प्रदर्शनी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विद्यार्थियों की सोच, मेहनत और भविष्य की संभावनाओं का प्रभावी प्रदर्शन बनकर उभरा। विज्ञान मेले ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जब विद्यार्थियों को सही मंच और मार्गदर्शन मिलता है, तो वे अपनी कल्पनाओं को हकीकत में बदलने की क्षमता रखते हैं।
