
हनुमानगढ़। टाउन के आर्य समाज भवन की सम्पति चोरी कर खुर्द-बुर्द करने का आरोप लगाते हुए एक पक्ष ने शनिवार को टाउन पुलिस थाना के सामने सांकेतिक धरना दिया। धरने पर बैठे समाज के नागरिकों ने सिर पर उल्टा गिलास रखकर अनूठे तरीके से विरोध दर्ज करवाया। धरनार्थियों ने पुलिस व प्रशासन को दो दिन का अल्टीमेटम दिया। इस समयावधि में इस प्रकरण की जांच न होने की स्थिति में दोबारा थाना के समक्ष धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी। सुरेन्द्र बेनीवाल ने बताया कि आर्य समाज बनाम आर्य समाज मन्दिर ट्रस्ट के नाम से पिछले एक साल से विवाद चल रहा है। असल में जिस समय विवाद शुरू हुआ था, उस समय भी आर्य समाज की कार्यकारिणी काबिज थी और उससे पहले भी। उसके बाद आर्य समाज ने यह जिम्मेवारी उन्हें सौंपी। लेकिन पुरानी कार्यकारिणी नई कार्यकारिणी को चार्ज नहीं देना चाहती थी। इस सन्दर्भ में आर्य समाज मन्दिर ट्रस्ट को बीच में टपका दिया गया और प्रशासन ने उसे सही मानते हुए एसडीएम ने आर्य समाज के भवन को रिसीवर कर दिया और एक वाद उनके कोर्ट में शुरू हुआ। उस वाद में पिछले दिनों इस संस्था को रिसीवर मुक्त कर दिया। कोर्ट के उस आदेश की व्याख्या एसडीएम ने अपने तरीके से की है। जबकि अच्छे-अच्छे विद्वान कह रहे हैं कि एसडीएम ने यह निर्णय गलत दिया है। एसडीएम की ओर से पारित किए गए आदेश में मात्र यह लिखा हुआ है कि आर्य समाज/आर्य समाज मन्दिर में रिसीवर किए हुए भवन को रिसीवर वा गुजर किया जाता है।

यानि भवन जिससे जिस स्थिति में लिया था, उसी स्थिति में दें। इस आदेश के बाद उस भवन का ताला खोल दिया गया। ताला खोलने के बाद आर्य समाज मन्दिर ट्रस्ट के नाम से जो फर्जी लोग हैं, उन लोगों ने सबसे पहले आर्य समाज का वर्षांे पुराना फ्लैक्स जो मुख्य द्वार पर लगा हुआ था, उसे सबसे पहले बदल दिया गया ताकि यह साबित किया जा सके कि यह आर्य समाज मन्दिर है। यह इन लोगों की मंशा रही। इसके बाद इन लोगों ने भवन में तोड़फोड़ शुरू कर दी। फिर भवन में से पंखे, फर्नीचर, लोहे का सामान निकालकर बेच दिया। कुछ दिन बाद कुछ और लोहे का सामान यानि आर्य समाज की सम्पति को बेच दिया। इस संबंध में एसपी, एसडीएम, डीएसपी व टाउन थाना प्रभारी को प्रार्थना पत्र पेश किया जा चुका है। एसडीएम की ओर से पत्र जारी करने के दस दिन बाद भी जांच नहीं हुई है। जांच के नाम पर बरगलाया जा रहा है। पुलिस भी इस कार्य को महत्वपूर्ण नहीं मानती। जबकि समाज की करोड़ों की सम्पति को खुर्द-बुर्द करने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन पुलिस और प्रशासन मौन बैठा है। उनकी इन फर्जी लोगों के साथ मिलीभगत है। वे शहर की सम्पति को खुर्द-बुर्द करवाना चाहते हैं लेकिन इसे शहरवासी बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सोमवार तक कोई निष्कर्ष नहीं निकलता है तो मंगलवार को टाउन पुलिस थाना के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सिर पर गिलास उल्टा रखकर प्रदर्शन करने का मतलब है कि उल्टे चिकने घड़े पर कितना ही पानी डाल लिया जाए, उस पर कोई असर नहीं होता। टाउन थाना की पुलिस उस चिकने घड़े की तरह है, उनके बारे में आप जितना भी बोलो, कुछ भी कहो या कुछ करो, उन पर कोई असर नहीं हो रहा। पुलिस कानून सम्मत कार्रवाई नहीं करती। उनसे विधि विरुद्ध तरीके से कुछ भी करवाया जा सकता है।
