हनुमानगढ़। आर्य प्रतिनिधि सभा, राजस्थान (जयपुर) के अधीन संचालित आर्य समाज हनुमानगढ़ टाउन के भवन पर कथित अवैध कब्जे, राजनीतिक हस्तक्षेप और संस्था की गरिमा को ठेस पहुंचाने के विरोध में शुक्रवार को आर्य समाज के प्रतिनिधियों की ओर से अतिरिक्त जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। आर्य समाज अध्यक्ष सुरेन्द्र बेनीवाल ने आरोप लगाया कि करीब 75 वर्षां से संचालित इस संस्था के भवन पर कुछ असामाजिक तत्व फर्जी आर्य समाज मंदिर ट्रस्ट के नाम से कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन होने के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई किए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि उपखंड अधिकारी की ओर से राजनीतिक दबाव में आकर विवादित भवन की चाबियां विरेन्द्र कुमार को सौंप दी गईं, जबकि संबंधित प्रकरण न्यायालय में लंबित है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि जिस व्यक्ति को चाबियां सौंपी गईं, वह पूर्व में आगजनी के एक मामले में आरोपी रहा है और फिलहाल जमानत पर है। संस्था के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि पूर्व पार्षद प्रमोद सोनी, जो ट्रस्ट का सदस्य नहीं है, ने भवन में अपना कार्यालय बना लिया है। साथ ही भवन को व्यावसायिक उपयोग में लेते हुए शादी-समारोहों के लिए किराए पर दिया जा रहा है, जहां मदिरा व अन्य नशीले पदार्थां का सेवन हो रहा है। हाल ही में एक समारोह के दौरान नशे में धुत लोगों की ओर से एक दुकान में तोड़फोड़ की घटना का भी जिक्र करते हुए क्षेत्र में भय का माहौल बनने की बात कही गई है। ज्ञापन में प्रशासन से फर्जी ट्रस्ट से जुड़े व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगाने, भवन को पुन: पुलिस रिसीवर के कब्जे में देने तथा पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की गई है। ज्ञापन में कहा गया कि आर्य समाज एक पवित्र संस्था है, जहां वैदिक परंपराओं का पालन होता है। इसे किसी भी प्रकार से राजनीतिक या अनैतिक गतिविधियों का केन्द्र नहीं बनने दिया जाएगा। इस मौके पर कोषाध्यक्ष लालचंद, संगठन मंत्री पुरुषोत्तम, उपाध्यक्ष सतपाल, मंत्री रामधेनू सिंह सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
