हनुमानगढ़। मानसरोवर साहित्य अकादमी, राजस्थान की ओर से शुक्रवार को सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इसमें समाज एवं साहित्य क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित किया गया। समारोह के मुख्य आकर्षण के रूप में श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय हनुमानगढ़ के डायरेक्टर जनरल गिरीश चावला को उनके उल्लेखनीय सामाजिक एवं साहित्यिक योगदान के लिए साहित्य रत्न सम्मान से अलंकृत किया गया। इस मौके पर अकादमी की ओर से उन्हें पुस्तक ‘रूह दे जज्बातÓ भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में सुरेंद्र अरोड़ा को भी उनके सहयोग, सहभागिता एवं सामाजिक योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र एवं सहयोग सहभागिता पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस मौके पर अकादमी के महासचिव इकबाल सिंह साहोता, प्रो. डॉ. श्यामवीर सिंह, भूपेंद्र सिंह राय, बलजीत सिंह ढिल्लों एवं मंगा सिंह ढिल्लों सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। सभी वक्ताओं ने सम्मानित व्यक्तियों के कार्यांे की सराहना करते हुए उन्हें समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया। श्री गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने अपने संबोधन में कहा कि समाज सेवा, शिक्षा एवं साहित्य के माध्यम से मानवता की सेवा करना ही सच्चा धर्म है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट सदैव ऐसे आयोजनों का समर्थन करता है, जो समाज में जागरूकता एवं सकारात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं। सम्मान प्राप्त करने के बाद गिरीश चावला ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है, जो व्यक्ति के विचारों और भावनाओं को दिशा देता है। उन्होंने अकादमी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के सम्मान प्रेरणा देने के साथ समाज में सकारात्मक कार्य करने की ऊर्जा भी प्रदान करते हैं। उन्होंने युवाओं से साहित्य व समाज सेवा के क्षेत्र में आगे आने का आह्वान किया।
