
हनुमानगढ़। राष्ट्रीय आयुष मिशन एवं आयुर्वेद विभाग के तत्वावधान में सोमवार को जंक्शन स्थित दुर्गा मंदिर धर्मशाला परिसर में दस दिवसीय नि:शुल्क क्षारसूत्र अंतरंग शल्य चिकित्सा शिविर शुरू हुआ। अतिथियों ने 7 जनवरी 2026 तक आयोजित होने वाले शिविर का विधिवत उद्घाटन अतिथि डॉ. सतवीर, अतिरिक्त निदेशक बीकानेर आयुर्वेद विभाग,डॉ तीर्थ शर्मा, उपनिदेशक आयुर्वेद विभाग, डॉ कुलदीप सकरवाल, प्रभारी राजकीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा टाउन, सागरमल लड्डा, हरीश सहू, कुंज बिहारी महर्षि इत्यादि ने किया। पहले ही दिन शिविर को लेकर नागरिकों में काफी उत्साह देखा गया। बड़ी संख्या में नागरिक शिविर का लाभ उठाने उमड़े। आयुर्वेद के साथ योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा का फायदा भी नागरिकों ने उठाया। नागरिकों को अंकुरित आहार व आयुर्वेदिक काढ़ा वितरण किया गया।

शिविर स्थल पर पेड़-पौधों की प्रजातियों व उनके महत्व की जानकारी देने के लिए प्रदर्शनी लगाई गई। अतिथियों ने कहा कि हम किसी न किसी तरह से आयुर्वेद व योग से रोजाना जुड़े हुए हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे आयुर्वेद, योग को अपने जीवन में आत्मसात करें। आयुर्वेद उपनिदेशक डॉ. तीर्थ शर्मा ने बताया कि प्राकृतिक चिकित्सा और योग चिकित्सा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। समाज को बिना दवाइयों के किस प्रकार से स्वस्थ रहना है, इस बारे में प्राकृतिक चिकित्सा अधिकारी और योग चिकित्सक शिविर में आमजन को अवगत करवाएंगे। उन्हें प्रेरित करेंगे कि हमें दवाइयों के चक्रव्यूह से निकलकर किस तरह से स्वस्थ जीवनशैली अपनानी है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद विभाग हर व्यक्ति के अच्छे स्वास्थ्य को पाबंद करने के लिए अपनी पूरी योग्य टीम के साथ दस दिन सेवाएं देगा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई जागरूकता लाई जाएगी।

योग एवं प्राकृतिक चिकित्सक डॉ. कुलदीप ने बताया कि दस दिवसीय शिविर आयुर्वेद विभाग की महत्वाकांक्षी योजना है। शिविर में अनुभवी आयुर्वेदिक चिकित्सकों की ओर से बिना किसी चीर-फाड़ के क्षारसूत्र पद्धति से उपचार किया जाएगा, जो बवासीर, भगंदर व फिशर जैसे रोगों में प्रभावी माना जाता है। इसके अतिरिक्त शिविर में प्रतिदिन सामान्य रोगों का उपचार भी किया जाएगा। शिविर में भर्ती होने वाले रोगियों के लिए जांच, ऑपरेशन, भोजन, औषधियां, बेड-बिस्तर एवं फॉलोअप उपचार पूरी तरह नि:शुल्क रहेगा। रोगी को पंजीकरण के लिए केवल एक पहचान पत्र, जैसे आधार कार्ड, साथ लेकर आना होगा। शिविर के दौरान प्रतिदिन सुबह 7 से 8 बजे तक योगाभ्यास कराया जाएगा। वहीं ओपीडी सेवाएं सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक उपलब्ध रहेंगी। इसके अतिरिक्त 0 से 14 वर्ष तक के बच्चों को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए प्रतिदिन सुवर्णप्राशन पिलाया जाएगा। विभाग के माध्यम से अग्निकर्म व विद्धकर्म पद्धति के जरिए बिना दर्द के रोगियों को राहत दिलाई जाएगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे रजिस्ट्रेशन करवाकर इस नि:शुल्क शिविर में स्वास्थ्य लाभ उठाएं।
