हनुमानगढ़। राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से उप निरीक्षक/प्लाटून कमांडर संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा-2025 पांच व छह अप्रैल को आयोजित की जाएगी। परीक्षा दोनों दिन दो-दो पारियों में आयोजित की जाएगी। पहली पारी में सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक सामान्य हिन्दी के प्रश्न-पत्र तथा दूसरी पारी में अपराह्न 3 से शाम 5 बजे तक सामान्य ज्ञान व सामान्य विज्ञान के प्रश्न-पत्र का आयोजन होगा। जिले में परीक्षा के लिए कुल 40 परीक्षा केन्द्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें 35 केन्द्र हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय पर तथा 5 केन्द्र पीलीबंगा में बनाए गए हैं। एक पारी में करीब 11700 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे, जबकि चारों पारियों में कुल लगभग 46500 परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने रोडवेज विभाग को बसों के फेरे बढ़ाने और परीक्षा समाप्ति के बाद अभ्यर्थियों की वापसी के लिए अतिरिक्त बसों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। 1015 रिक्त पदों को भरने के लिए हो रही परीक्षा के सफल और सुचारू संचालन के लिए प्रशासन की ओर से व्यापक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अतिरिक्त जिला कलक्टर उम्मेदीलाल मीना ने बताया कि परीक्षा के संबंध में गुरुवार को सभी केन्द्राधीक्षकों की बैठक आयोजित कर दिशा-निर्देश दिए गए हैं तथा डिप्टी कॉर्डिनेटर की नियुक्ति कर दी गई है। परीक्षा केन्द्रों का निरीक्षण संबंधित एसडीएम की ओर से किया जा चुका है। प्रश्न पत्रों को ट्रेजरी हॉल में कड़ी सुरक्षा के साथ रखा गया है, जहां 24 घंटे पुलिस निगरानी तैनात है। पेपर वितरण के लिए डिप्टी कॉर्डिनेटर और वाहनों की व्यवस्था भी सुनिश्चित कर दी गई है।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस विभाग के साथ समन्वय स्थापित किया गया है और पर्याप्त पुलिस जाप्ता तैनात रहेगा। साथ ही परीक्षा के दौरान निगरानी के लिए वीडियोग्राफी की जाएगी तथा वीक्षकों की ड्यूटी रेंडमाइजेशन के आधार पर लगाई जाएगी। नकल रोकने के लिए आयोग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाएगा। वीक्षकों से यह प्रमाण पत्र लिया जाएगा कि जिस परीक्षा केन्द्र पर उनकी ड्यूटी है, वहां उनका कोई परिचित परीक्षार्थी नहीं है। साथ ही नकल विरोधी पंपलेट के माध्यम से भी जागरूकता सुनिश्चित की जाएगी। एडीएम ने बताया कि परीक्षा के सफल संचालन के लिए फ्लाइंग स्क्वायड का गठन किया गया है, जिसमें आरएएस, आरपीएस एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों को तैनात किया गया है। सभी व्यवस्थाओं की निरंतर मॉनिटरिंग की जाएगी। जिला प्रशासन का दावा है कि राजस्थान लोक सेवा आयोग के दिशा-निर्देशानुसार परीक्षा पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं शुचिता के साथ सम्पन्न करवाई जाएगी तथा जिले में आने वाले सभी अभ्यर्थियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

यह रहेगा ड्रेस कोड
राजस्थान एसआई भर्ती परीक्षा में शामिल होने वाले पुरुषों के लिए आयोग ने बहुत ही साधारण ड्रेस कोड तय किया है। पुरुष अभ्यर्थियों को आधी आस्तीन की शर्ट या टी-शर्ट पहननी होगी। नीचे पजामा या साधारण पैंट मान्य होगी। पैरों में केवल हवाई चप्पल या स्लिपर की अनुमति होगी। जूते, मोजे या पूरी आस्तीन की शर्ट पहनने वालों को केन्द्र में एंट्री नहीं मिलेगी। वहीं महिला अभ्यर्थियों के लिए भी सादगी और सुरक्षा का ध्यान रखा गया है। आधी आस्तीन का ब्लाउज, कुर्ता या सलवार सूट और साड़ी पहनकर परीक्षा दी जा सकती है। बालों में केवल साधारण रबर बैंड लगाने की अनुमति होगी। किसी भी तरह के भारी गहने, फैंसी हेयर पिन या क्लिप पर पूरी तरह पाबंदी है। महिलाओं को भी पैरों में साधारण चप्पल ही पहननी होगी।

राजस्थान एसआई भर्ती परीक्षा गाइडलाइंस
पिछली परीक्षाओं में हुए पेपर लीक और विवादों से सबक लेते हुए आयोग ने राजस्थान एसआई भर्ती परीक्षा के लिए सख्त इंतजाम किए हैं। परीक्षा को पारदर्शी और नकल मुक्त बनाने के लिए केन्द्रों की संख्या बढ़ाई गई है और अभ्यर्थियों के लिए ड्रेस कोड भी लागू किया गया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा कारणों से अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से ठीक 1 घंटा पहले केन्द्र पर अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। देरी से आने वाले किसी भी अभ्यर्थी को एंट्री नहीं दी जाएगी। सभी केन्द्रों पर उड़नदस्ते और सीसीटीवी कैमरों के जरिए पैनी नजर रखी जाएगी। परीक्षा केन्द्र पर एंट्री के लिए अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड के साथ एक मूल फोटो युक्त पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी या ड्राइविंग लाइसेंस) और एक पासपोर्ट साइज फोटो साथ ले जानी होगी। पारदर्शी पेन के अलावा किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, कैलकुलेटर या मोबाइल फोन परीक्षा हॉल के अंदर ले जाना मना है।
केन्द्राधीक्षक ने ली समीक्षा बैठक
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय डब्बरवाला खुंजा में प्रधानाचार्य सीताराम की अध्यक्षता में परीक्षा से पूर्व की तैयारियों की समीक्षा बैठक हुई। इसमें वीक्षकों की ओर से अपने उत्तरदायित्व का निर्वहन करने व परीक्षार्थियों को प्रवेश देने आदि के संबंध में चर्चा की गई।
