गोलूवाला। भारतीय किसान संघ तहसील गोलूवाला की मासिक बैठक संभाग संगठन मंत्री हीराराम के प्रवास कार्यक्रम के तहत कृषि उपज मंडी समिति स्थित किसान भवन में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता तहसील अध्यक्ष नरेन्द्र छींपा ने की। बैठक का शुभारंभ भारतीय संस्कृति एवं संगठन की परंपरा अनुसार भारत माता, कृषि देवता भगवान बलराम तथा संघ संस्थापक दत्तोपंत ठेंगड़ी के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इसके बाद संगठन मंत्री हीराराम का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। इस दौरान किसान भवन किसान हितैषी नारों से गूंज उठा और उपस्थित किसानों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद धारणिया ने किसानों की ज्वलंत समस्याओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए संगठन की भूमिका, उद्देश्य और कार्यपद्धति पर प्रकाश डाला। उन्होंने किसानों से संगठित होकर अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया। जिला कार्यकारिणी सदस्य मनोहर धारणिया, शेषकरण टाक और जिला कोषाध्यक्ष रामेश्वर सुथार ने भी किसान हितों से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किए और संगठन को मजबूत बनाने पर बल दिया। संभाग संगठन मंत्री हीराराम ने अपने संबोधन में कहा कि जब तक किसान एकजुट नहीं होगा, तब तक उसका शोषण होता रहेगा। उन्होंने ग्राम स्तर पर संगठन को सशक्त बनाने और अधिक से अधिक किसानों को भारतीय किसान संघ से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि किसानों ने समय रहते रासायनिक खाद और बीजों के दुष्प्रभावों से अपनी भूमि को नहीं बचाया तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर संकट और भुखमरी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने ग्राम समितियों को वैकल्पिक कार्यों के माध्यम से समाज से जोड़ने और संयुक्त परिवार व्यवस्था को अपनाने पर भी बल दिया। बैठक में तहसील अध्यक्ष नरेन्द्र छींपा ने गोलूवाला क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं को विस्तार से रखा। उन्होंने बताया कि क्षेत्र जिला मुख्यालय से लगभग 35–40 किलोमीटर दूर होने के कारण दुर्घटनाओं में घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए स्थानीय सरकारी अस्पताल लाया जाता है, लेकिन ट्रॉमा सेंटर की सुविधा नहीं होने से मरीजों को जिला अस्पताल रेफर करना पड़ता है। कई बार रास्ते में ही मरीजों की मौत हो जाती है।उन्होंने अस्पताल में बनी मोर्चरी की दयनीय स्थिति, महिला चिकित्सक द्वारा पदभार ग्रहण नहीं करने, आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की कमी और खराब मशीनों के कारण जांच बाहर करवाने की मजबूरी जैसे मुद्दे भी उठाए। इसके अलावा क्षेत्र में नशे से हो रही मौतों पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि भारतीय किसान संघ जल्द ही गांव-गांव नशा मुक्ति जागरूकता अभियान शुरू करेगा। संभाग संगठन मंत्री ने इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उन्हें मुख्यमंत्री तक पहुंचाने और समाधान के प्रयास करने का आश्वासन दिया। बैठक में कृषि उपज मंडी समिति से जुड़े कई मुद्दों पर भी चर्चा की गई। किसानों ने आरोप लगाया कि फसल खरीद के दौरान सीधी ढेरी पर 1 से 1.5 किलो प्रति क्विंटल तक कटौती की जा रही है। किसानों ने मांग की कि बोली के समय मंडी समिति का अधिकारी मौके पर उपस्थित रहे, दो बार लैब जांच की प्रक्रिया समाप्त की जाए और ढेरी की बोली के बाद किसी प्रकार की कटौती न की जाए। इसके अलावा नई धानमंडी में निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने, घटिया निर्माण के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने, बोरवेल के पास ट्रॉली धंसने से हुए नुकसान की भरपाई देने और तोल व वजन संबंधी जानकारी बैनर के माध्यम से सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई गई। अंत में तहसील अध्यक्ष नरेन्द्र छींपा ने संभाग संगठन मंत्री हीराराम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन से क्षेत्र के किसानों में संगठन के प्रति जागरूकता और जुड़ाव बढ़ रहा है। बैठक में तहसील उपाध्यक्ष महावीर भांभू, रजीराम सुथार, पृथ्वी स्वामी, युवा प्रमुख विजयपाल गोदारा, तहसील सदस्य विक्की निवाद, लालचंद सिद्ध, ग्राम इकाई अध्यक्ष कृष्ण निवाद, रामजीलाल, महेंद्र सिद्ध, जगदीश घुमाना, हनुमान रेवाड़, रिछपाल छींपा, श्रवण वर्मा, रणजीत बरार, भूप सिहाग, नरसीराम, कैलाश भाटी, देशराज, महावीर सिद्ध, श्रवण जांगू, अमरचंद, प्रहलाद निवाद, रामकुमार निवाद, सुखराज बरार, कमल सिद्ध, सतराज धारीवाल, दिनेश निवाद, कृष्ण अरोड़ा, विकास सर्वा सहित अनेक किसान उपस्थित रहे।
