जयपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं अशोक गहलोत और सचिन पायलट पर तीखा तंज कसते हुए उनकी आपसी एकजुटता पर सवाल उठाए हैं। राठौड़ ने कहा कि गहलोत और पायलट का साथ केवल दिखावटी है और दोनों नेताओं के बीच गहरे मतभेद आज भी कायम हैं। गुरुवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान राठौड़ ने कहा कि यह दोनों नेता कभी वास्तव में एक साथ नहीं हो सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों के बीच की दूरी को छिपाने के लिए एकता का नाटक किया जा रहा है। राठौड़ ने कहा, “जो लोग बार-बार यह कहते हैं कि वे साथ-साथ हैं, उन्हें यह भी कहना पड़ता है कि बाद में यह मत कहना कि हम साथ नहीं हैं—फोटो खींच लो। इससे साफ जाहिर होता है कि उनके बीच कितना बड़ा अंतर्द्वंद है।” राठौड़ ने आगे कहा कि यदि किसी रिश्ते को साबित करने के लिए फोटो खिंचवानी पड़े, तो यह इस बात का संकेत है कि उस संबंध में स्वाभाविक विश्वास की कमी है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि गहलोत और पायलट के बीच पुराने विवाद अभी भी खत्म नहीं हुए हैं। उन्होंने विशेष रूप से उस समय का जिक्र किया जब अशोक गहलोत ने सार्वजनिक रूप से सचिन पायलट के लिए ‘नकारा’, ‘निकम्मा’ और ‘मक्कार’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था। राठौड़ ने कहा कि पायलट इस टिप्पणी को जिंदगी भर नहीं भूल सकते, जिससे दोनों नेताओं के बीच की खाई और गहरी हो गई है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कांग्रेस की आंतरिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी में नेतृत्व को लेकर स्पष्टता नहीं है और गुटबाजी लगातार सामने आती रहती है। उन्होंने दावा किया कि यही कारण है कि कांग्रेस जनता के मुद्दों पर प्रभावी ढंग से काम नहीं कर पा रही है। राठौड़ के इस बयान को आगामी राजनीतिक रणनीतियों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है, जहां भाजपा कांग्रेस के भीतर मौजूद मतभेदों को उजागर कर राजनीतिक बढ़त बनाने की कोशिश कर रही है। वहीं, कांग्रेस की ओर से इस बयान पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राजस्थान की राजनीति में गहलोत और पायलट के रिश्तों को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं, और ऐसे बयान आगामी चुनावी माहौल को और गर्मा सकते हैं।
