जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी ने “हॉर्स ट्रेडिंग” के जरिए कई राज्यों में सरकारें गिराईं और राजस्थान में भी कोई कसर नहीं छोड़ी। जयपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान गहलोत ने कहा कि भाजपा नेता बार-बार उनसे सचिन पायलट का नाम लेने के लिए उकसाते हैं ताकि कांग्रेस में आंतरिक विवाद पैदा हो, लेकिन पार्टी पूरी तरह एकजुट है। गहलोत ने कहा कि “हम 34 दिन तक होटल में रहे, जो इनकी हरकतों का नतीजा था। भाजपा के नेताओं ने राजस्थान में सरकार गिराने की हर संभव कोशिश की, लेकिन जनता सब समझ रही है।” उन्होंने माना कि कांग्रेस चुनाव में सफल नहीं हो पाई, लेकिन आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने “झूठे वादे” किए। उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र कमजोर हो रहा है और एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। “अगर नई पीढ़ी और देश के लोग इसे नहीं समझे तो सबको इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा,” गहलोत ने चेतावनी दी। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के भाजपा में शामिल होने की अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए गहलोत ने कहा कि भाजपा अपने विरोधियों को लगातार निशाना बनाती रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि “देश में लोकतंत्र की हत्या हो रही है और एजेंसियां पूरी तरह सरकार के नियंत्रण में हैं।” गहलोत ने आगे कहा कि भाजपा “हिंदुत्व के नाम पर राजनीति” कर रही है, लेकिन वास्तविक विकास कार्यों का अभाव है। उन्होंने “वॉशिंग मशीन” वाले तंज का इस्तेमाल करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा में शामिल होते ही नेताओं पर लगे आरोप खत्म हो जाते हैं। उन्होंने महाराष्ट्र, कर्नाटक और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस विधायकों को तोड़ने की कोशिशें लगातार की गईं और राजस्थान में भी ऐसा करने का प्रयास हुआ, लेकिन पार्टी एकजुट रही।
