हनुमानगढ़। श्री खुशाल दास यूनिवर्सिटी के फैकल्टी ऑफ लॉ की ओर से दो दिवसीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य विधि छात्र-छात्राओं को न्यायालयीन कार्यप्रणाली, वकालत कौशल, कानूनी अनुसंधान और प्रभावी तर्क प्रस्तुतिकरण का व्यवहारिक अनुभव प्रदान करना रहा। प्रतियोगिता में बीए-एलएलबी, बीबीए-एलएलबी, एलएलबी एवं एलएलएम के छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने समसामयिक, संवैधानिक एवं विभिन्न विधिक विषयों पर न्यायालय की वास्तविक प्रक्रिया के अनुरूप अपने पक्ष प्रस्तुत किए। छात्र-छात्राओं ने याचिकाकर्ता और प्रतिवादी पक्ष की ओर से प्रभावशाली बहस करते हुए अपने कानूनी ज्ञान, शोध क्षमता, तार्किक सोच और कोर्टरूम प्रस्तुतीकरण का प्रदर्शन किया। निर्णायक मंडल ने प्रतिभागियों का मूल्यांकन कानूनी तर्क, प्रस्तुतीकरण शैली, शोध कार्य, केस स्टडी, ड्राफ्टिंग क्षमता और वकालत कौशल के आधार पर किया। प्रतियोगिता के माध्यम से छात्र-छात्राओं को न्यायालयीन प्रक्रिया की बारीकियों को समझने और व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिला। फाइनल राउंड में बीए-एलएलबी सेमेस्टर 6 की छात्रा खुशी गर्ग ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि बीए-एलएलबी सेमेस्टर 8 की छात्रा काशिश नागरा उपविजेता रहीं। विजेताओं को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। श्री गुरु गोबिंद सिंह चेरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि विधि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि छात्र-छात्राओं को व्यवहारिक प्रशिक्षण और न्यायिक प्रणाली की वास्तविक समझ भी मिलनी चाहिए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रिटायर्ड आईजी गिरीश चावला ने कहा कि मूट कोर्ट प्रतियोगिताएं विधि शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जो छात्र-छात्राओं को वास्तविक न्यायालयीन वातावरण से परिचित कराती हैं और उनमें आत्मविश्वास विकसित करती हैं। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. अवदेश शर्मा और डॉ. अभिषेक शर्मा मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन एवं मार्गदर्शन डॉ. विक्रम मेहरा के नेतृत्व में किया गया। उन्होंने कहा कि फैकल्टी ऑफ लॉ छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण विधिक शिक्षा के साथ व्यवहारिक प्रशिक्षण देने के लिए लगातार प्रयासरत है।
